राजस्थान के उदयपुर जिले की खैरवाड़ा तहसील मुख्यालय पर स्थित श्री रुद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ (किले वाली माता मंदिर) में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं। दर्शन-पूजन और भजन-स्तवन के लिए मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं।

किले वाली माता को मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि माता के समक्ष सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। पुत्र-पौत्र, धन-धान्य, सुख-संपदा और स्वास्थ्य की कामना लेकर श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचते हैं। जनसामान्य के बीच माता के प्रति गहरी आस्था है और उन्हें इच्छापूर्ति करने वाली देवी के रूप में माना जाता है।

वासंतिक नवरात्रि महोत्सव के पावन पर्व पर पूरे कस्बे के लोगों के साथ कुवैत में प्रवास कर रहे श्रद्धालुओं और गुजरात, मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र सहित दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले माता के भक्तों का सहयोग भी देखने को मिलता है। श्रद्धालुओं की यह भागीदारी शक्तिपीठ के प्रति उनकी मान्यता और विश्वास को दर्शाती है। भक्तों की आस्था है कि इच्छापूर्णी माता के दर्शन मात्र से उनके दुख-दर्द और विपत्तियों का अंत होता है।

किले वाली माता का मंदिर एक गुफा पर निर्मित है। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, यहां माता की सवारी सिंह के रहने की चर्चा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के बीच होती है। इसके साथ ही भोलेनाथ के प्रतीक इच्छाधारी सर्प के प्रत्येक रविवार और नवरात्रि के दौरान माता के दर्शन के लिए आने की भी चर्चा है। कस्बे के कई लोग इसके गवाह होने का दावा करते हैं।

शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महंत भारत भूषण महाराज की तपस्या और साधना भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी अद्भुत तपस्या और अविश्वसनीय साधना को लेकर आसपास के क्षेत्रों में चर्चा होती है। मंदिर में माता का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

शारदीय नवरात्रि के दौरान किले वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन, भजन और स्तवन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। स्थानीय लोगों के साथ दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंच रहे भक्त माता की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए दरबार में शीश झुका रहे हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मंदिर में उमड़ रही भीड़ श्री रुद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ के प्रति जनसामान्य की अटूट श्रद्धा और आस्था को रेखांकित कर रही है।

Dharnendra Jain( Kherwara)

Dharnendra Jain( Kherwara)

नाम: धरणेन्द्र जैन

वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)

कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें

अनुभव: 30 वर्ष से अधिक

परिचय 

धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:

  • वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
  • उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
  • वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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