खरीफ पूर्व कृषक गोष्ठी में किसानों को मिली आधुनिक व प्राकृतिक खेती की नई दिशा, ऋषभदेव में जुटे 100 से अधिक किसान
ऋषभदेव में आयोजित खरीफ पूर्व कृषक गोष्ठी में किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। 100 से अधिक किसानों की मौजूदगी में विशेषज्ञों ने कृषि भविष्य की नई राह दिखाई।

उदयपुर के ऋषभदेव में आयोजित एक दिवसीय खरीफ पूर्व कृषक गोष्ठी में उपस्थित अधिकारी और किसान, जहां उन्हें आधुनिक तकनीकों व विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त बनाया गया।
कृषि विभाग की आत्मा योजनांतर्गत खरीफ पूर्व एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन ऋषभदेव में किया गया, जिसमें ब्लॉक ऋषभदेव के लगभग 100 किसानों ने भाग लेकर कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
गोष्ठी के दौरान मुख्य अतिथि एवं सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी मुकेश पानेरी ने किसानों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों को रेखांकित करते हुए किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रभारी सहायक कृषि अधिकारी रमेश गर्ग ने खरीफ फसलों में अपनाई जाने वाली उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों के चयन, फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियों तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। उन्होंने किसानों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।
इसी क्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं पशुधन विकास से संबंधित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की, जिससे किसानों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन के क्षेत्र में भी लाभकारी अवसरों की समझ प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक सोमराज मीणा ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा कर किसानों को कृषि में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषि पर्यवेक्षक रमेश मेघवाल, पुष्पेंद्र दामा, रोशनी मीणा, गीता मीणा एवं कमला मीणा सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में किसान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
गोष्ठी के माध्यम से किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं की समग्र जानकारी प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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