राजसमंद: एनएच-58ई पर अतिक्रमण नोटिस के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
मगवास गांव के निवासियों का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए उनके मकान तोड़े जा रहे हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो सकते हैं।

तस्वीर में दिख रहे मगवास गांव के ग्रामीण राजसमंद जिला कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर अतिक्रमण नोटिस के संबंध में अधिकारियों से राहत की मांग कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे-58ई की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर जारी नोटिस के बाद मगवास गांव के निवासियों ने जिला कलेक्टर राजसमंद से राहत की मांग करते हुए विस्तृत निवेदन प्रस्तुत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 30 से 40 वर्षों से यहां निवासरत हैं, लेकिन हाईवे निर्माण के समय उन्हें न तो किसी प्रकार का नोटिस दिया गया और न ही भूमि अथवा मकानों के बदले कोई मुआवजा प्रदान किया गया।
जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में वेलराम मेघवाल, महेन्द्र जैन, पुलीलाल मेघवाल, सुजानमल जैन, हिरीश भट्ट, राजेश जोशी, बाबूलाल सुथार, पुष्कर मेघवाल, प्रभूलाल जैन सहित अन्य ग्रामवासी मगवास ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से जारी नोटिस में एनएच-58ई की भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह हाईवे एक छोटे से गांव के पास से गुजरता है, जहां आबादी भी सीमित है तथा वर्तमान में स्थानीय लोगों अथवा यातायात को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान उन्हें किसी प्रकार का नोटिस प्राप्त नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया। उनका कहना है कि पूर्व में 7.5 मीटर सेंटर से सीमांकन किया गया था, जबकि अब 10 मीटर तक चिन्हांकन किए जाने से उनके मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। इससे अनेक परिवारों के बेघर होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में उन्हें किसी प्रकार का अतिक्रमण नोटिस भी प्राप्त नहीं हुआ था।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कई मकानों को चिन्हित किया गया, लेकिन संबंधित परिवारों के घरों पर ताला होने के कारण नोटिस की तामील नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में 22 जून 2026 को भगवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसके अतिरिक्त 30 जून 2026 को समस्त दस्तावेजों सहित अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग), उदयपुर को भी प्रकरण प्रस्तुत किया जा चुका है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि उनकी गंभीर समस्या पर उदारतापूर्वक विचार करते हुए उचित राहत प्रदान की जाए, ताकि वर्षों से बसे परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सके।
ज्ञापन की प्रतिलिपि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उपखंड अधिकारी झाड़ोल, अधिशाषी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) उदयपुर तथा निजी पत्रावली को भी प्रेषित की गई है।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय एवं ग्रामीण समाचार: झाड़ोल व गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र, ग्रामीण पंचायतों, सामाजिक गतिविधियों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की नियमित कवरेज।
- राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत, विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां, जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम एवं राजनीतिक घटनाक्रम।
- क्राइम: पुलिस कार्रवाई, अपराध संबंधी घटनाएं, कानून-व्यवस्था एवं न्यायिक मामलों की रिपोर्टिंग।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई, विकास कार्य, शिविरों एवं प्रशासनिक निर्णयों की कवरेज।
- शिक्षा: विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षा योजनाओं, विद्यार्थियों की उपलब्धियों एवं शिक्षा संबंधी समस्याओं पर रिपोर्टिंग।
- स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिविर, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं, जनस्वास्थ्य एवं जागरूकता विषयक समाचार।
- बिज़नेस एवं व्यापार: स्थानीय व्यापार, बाजार गतिविधियां, छोटे व्यवसाय, उद्यमिता एवं आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषय।
- सामाजिक एवं जनहित मुद्दे: ग्रामीण समस्याएं, नागरिक सुविधाएं, सामाजिक सरोकार, सरकारी योजनाएं, ग्रामीण विकास तथा जनकल्याण से जुड़े विषयों की विशेष कवरेज।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
