राजस्थान के शिक्षा जगत में अवकाश कटौती को लेकर उबाल है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में किए गए हालिया संशोधनों को शिक्षक हितों पर कुठाराघात करार देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर से भेंट की और पंचांग में त्वरित संशोधन की पुरजोर मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा तथा उदयपुर संभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारी सम्मिलित रहे।

प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी संशोधित शिविरा पंचांग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय स्तर पर किए गए इन बदलावों का शिक्षकों पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षकों को पूर्व में ही अन्य राजकीय विभागों की तुलना में कम अवकाश प्राप्त होते हैं, किंतु अब नए संशोधन के माध्यम से अवकाशों में और अधिक कटौती कर दी गई है। इसके अतिरिक्त संस्थाप्रधानों के विशेषाधिकार वाले अधिकृत अवकाशों में भी कमी की गई है, जिससे प्रदेशभर के शिक्षक समुदाय में भारी असंतोष व्याप्त है।

प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने शिक्षा मंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से अवकाश कटौती का विरोध करते हुए मांग की है कि विभाग अविलंब पुनः संशोधित शिविरा पंचांग जारी करे। उन्होंने एक महत्वपूर्ण विकल्प रखते हुए कहा कि यदि सरकार अवकाश कटौती की नीति पर अडिग रहती है, तो शिक्षकों को भी अन्य राज्य कर्मचारियों के समान प्रतिवर्ष 30 पीएल (प्रिविलेज लीव) की सुविधा अनिवार्य रूप से प्रदान की जानी चाहिए। इस गंभीर विषय पर शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुना और शीघ्र ही उचित समाधान निकालने के लिए आश्वस्त किया।

आगामी संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने हेतु महासंघ ने 09 अप्रैल 2026 को स्थाई कार्यसमिति की एक आपातकालीन आभासी (वर्चुअल) बैठक आहूत की है। यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस बैठक में संगठन भविष्य के कड़े कदमों पर विचार करेगा। विरोध जताने वालों में प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, महिला उपाध्यक्ष सुषमा विश्नोई, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, महिला मंत्री गीता जैलिया, अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल और कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित कार्यकारिणी के अनेक सदस्य शामिल रहे। पदाधिकारियों ने एकजुट स्वर में कहा कि इस निर्णय से शिक्षक समुदाय में गहरा आक्रोश है और संगठन अपने अधिकारों की रक्षा हेतु निरंतर संघर्ष जारी रखेगा।

Vikas Chawada (Udaipur)

Vikas Chawada (Udaipur)

नाम: विकास चावड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)

कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)

अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय

बीट और मुख्य विषय 

  • स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
  • राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
  • जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

हायर सेकेंडरी

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