राजस्थान पुलिस का एरिया डोमिनेशन अभियान, 7744 गिरफ्तार
प्रदेशभर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए 17 हजार ठिकानों पर दबिश दी गई।

तस्वीर में पुलिस स्टेशन के बाहर जब्त की गई मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन दिख रहे हैं।
जयपुर, 7 अक्टूबर। राजस्थान पुलिस ने वांछित अपराधियों, असामाजिक तत्वों और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बने समाजकंटकों के खिलाफ प्रदेशव्यापी एरिया डोमिनेशन अभियान चलाकर एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई की। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार चलाए गए इस विशेष अभियान में 12,151 पुलिस अधिकारियों और जवानों की 2,961 विशेष टीमों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 17,049 चिह्नित संदिग्ध ठिकानों पर अचानक ताबड़तोड़ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कुल 7,744 अपराधियों और असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान पुलिस ने संगठित अपराध, मादक पदार्थ तस्करी, जघन्य अपराधों और आदतन अपराधियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई की। पुलिस ने 55 ईनामी अपराधियों तथा 354 हार्डकोर अपराधियों, सक्रिय हिस्ट्रीशीटर्स और मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया।
हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में वांछित 95 अपराधियों को भी दबोचा गया। आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मुकदमों में 141 तथा आबकारी अधिनियम के तहत 173 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट से भगोड़े तथा स्थायी वारंटी, उद्घोषित अपराधी और 335 बीएनएसएस के तहत 922 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। फायरिंग और फायर आर्म्स प्रकरणों में चालान किए गए 164 सक्रिय अपराधियों को भी पुलिस ने पकड़ा। अभियान में 787 कुल नए प्रकरण दर्ज किए गए। सामान्य मुकदमों में 677 वांछितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 170 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई में 3,283 व्यक्तियों तथा अन्य मामलों में 1,756 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह कुल 7,744 समग्र गिरफ्तारियां हुईं।
जिलेवार कार्रवाई में टोंक में 97 टीमों ने 363 स्थानों पर दबिश देकर सर्वाधिक 407 अपराधियों को गिरफ्तार किया। भीलवाड़ा में 133 टीमों ने 305 ठिकानों पर दबिश देकर 330 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि अजमेर में 122 टीमों ने 598 ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए 280 अपराधियों को पकड़ा।
उदयपुर जिले में 115 टीमों ने 932 ठिकानों पर दबिश देकर 354 गिरफ्तारियां कीं। झालावाड़ में 194 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें सर्वाधिक 70 हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर पकड़े गए। चित्तौड़गढ़ में 89 टीमों ने कार्रवाई करते हुए 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
धौलपुर में 246, बीकानेर में 204, डीग में 291, हनुमानगढ़ में 241, चूरू में 233, पाली में 226 और अलवर में 207 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
राजधानी जयपुर में भी पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की। जयपुर वेस्ट की 51 टीमों ने 332 ठिकानों पर दबिश देकर 27 हार्डकोर और 30 स्थायी वारंटियों सहित सर्वाधिक 215 अपराधियों को गिरफ्तार किया। जयपुर नॉर्थ की 41 टीमों ने 196 ठिकानों पर कार्रवाई कर 178, जयपुर ईस्ट की 60 टीमों ने 354 स्थानों पर दबिश देकर 173 और जयपुर साउथ की 48 टीमों ने 299 ठिकानों पर दबिश देकर 142 अपराधियों को गिरफ्तार किया। जयपुर ग्रामीण की 61 टीमों ने 430 स्थानों पर कार्रवाई कर 101 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
जोधपुर संभागीय क्षेत्र में भी अभियान का व्यापक असर रहा। जोधपुर ईस्ट की 48 टीमों ने 426 ठिकानों पर सघन चेकिंग कर 10 हार्डकोर और 58 स्थायी वारंटियों सहित 178 अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि जोधपुर वेस्ट में 40 आरोपियों को पकड़ा गया। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने 216 ठिकानों पर दबिश देकर 11 ईनामी बदमाशों और 23 स्थायी वारंटियों सहित 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रेलवे सुरक्षा के तहत जीआरपी अजमेर ने 18 तथा जीआरपी जोधपुर ने 40 असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया।
महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और भयमुक्त माहौल कायम करने के उद्देश्य से विशेष 'एरिया डोमिनेशन' अभियान चलाया गया है। आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर का संदेश देने के लिए इस प्रकार की बड़ी पुलिस दबिशें आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगी। प्रदेशभर में एक ही दिन चले इस अभियान में हजारों पुलिसकर्मियों की संयुक्त कार्रवाई ने वांछित अपराधियों, हार्डकोर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और अन्य असामाजिक तत्वों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई को सामने रखा।

Vikas Chawada (Udaipur)
नाम: विकास चावड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)
कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)
अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय
बीट और मुख्य विषय
- स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
- राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
- जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
हायर सेकेंडरी
