राजस्थान में मेडिकल स्टोर बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों का प्रदर्शन
ऑनलाइन फार्मेसी, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और भारी छूट के विरोध में राजस्थान के विभिन्न जिलों में मेडिकल संचालकों ने अपनी दुकानें बंद रखकर ज्ञापन सौंपे।

अखिल भारतीय केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट संगठन तथा राजस्थान केमिस्ट एलायंस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों के बंद रहने से दवा व्यवसाय जगत में हलचल रही। कपासन, आमेट, धरियावद, आकोला और देवगढ़ सहित कई क्षेत्रों में थोक एवं खुदरा दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी पर प्रभावी रोक, नकली दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण और छोटे केमिस्टों के संरक्षण जैसी प्रमुख मांगों के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान कपासन के सभी थोक एवं खुदरा मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिसका सीधा असर आमजन पर पड़ा। विशेष रूप से बुजुर्गों, नियमित दवा लेने वाले मरीजों और आकस्मिक आवश्यकता वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आमेट में राजसमन्द जिला केमिस्ट एसोसिएशन शाखा के तत्वावधान में नगर के दवा विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन आमेट एसडीएम को सौंपा। डॉ. रामानन्द दाधीच, अनिल मुण्डोत, हेमंत भंडारी, दीपेन, विकास खटोड़, सुरेश, हरीसिंह और लोकेश सहित अन्य दवा विक्रेताओं ने अपनी मांगों को दोहराते हुए अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री से जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न गंभीर खतरे के प्रति चिंता जताई। वहीं, धरियावद में केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोपहर बाद उपखंड कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार संदीप जैन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान व्यापारियों ने हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां और पैम्लेट लेकर प्रदर्शन किया। आकोला में भारतीय औषधि विक्रेता संघ एवं प्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन के एकदिवसीय आह्वान का समर्थन करते हुए दवा विक्रेता चंद्र प्रकाश यादव ने स्पष्ट किया कि अनियमित ऑनलाइन बिक्री और भारी डिस्काउंटिंग से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
देवगढ़ में विरोध का स्वरूप और अधिक व्यापक रहा, जहाँ नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। कस्बे के सूरज दरवाजा से राजसमन्द जिला केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा विक्रेताओं ने वाहनों की रैली निकाली। यह रैली प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और कॉर्पोरेट्स द्वारा दी जा रही डीप डिस्काउंटिंग के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। इन सभी स्थानों पर दवा विक्रेताओं की इस एकदिवसीय हड़ताल ने ऑनलाइन दवा बाजार के बढ़ते वर्चस्व और उससे जुड़े सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम मरीजों की परेशानी ने स्थिति की गंभीरता को और अधिक बढ़ा दिया है।

