माप-तोल उपकरणों के सत्यापन नियमों में बदलाव की मांग, व्यापार महासंघ ने सरकार को भेजा सुझाव
राजस्थान में माप एवं तोल उपकरणों के सत्यापन नियमों में बदलाव की मांग तेज हुई। खेरवाड़ा के संयुक्त व्यापार महासंघ ने सरकार को सुझाव भेजकर वार्षिक सत्यापन के बजाय दो वर्ष में एक बार मुद्रांकन की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।

राज्य सरकार द्वारा राजस्थान विधिक माप विज्ञान प्रवर्तन नियम-2011 में व्यापक संशोधन प्रस्तावित किए जाने के बीच व्यापारिक संगठनों ने भी अपने सुझाव सरकार तक पहुंचाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में क्षेत्र के संयुक्त व्यापार महासंघ संस्थान ने माप एवं तोल उपकरणों के सत्यापन और मुद्रांकन की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए इसे प्रतिवर्ष के बजाय प्रत्येक दो वर्ष में एक बार किए जाने का सुझाव राज्य सरकार को भेजा है।
संयुक्त व्यापार महासंघ संस्थान के अध्यक्ष अमित कलाल एवं संरक्षक पारस जैन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा राज्य के मुख्य सचिव को प्रेषित पत्र में बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार माप एवं तोल उपकरणों का सत्यापन एवं मुद्रांकन हर वर्ष कराया जाता है। यह कार्य जिला स्तर पर नियुक्त ठेकेदारों एवं मरम्मतकर्ताओं के माध्यम से संपादित किया जाता है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में मरम्मतकर्ताओं द्वारा उपकरणों की वास्तविक जांच और सत्यापन किए बिना ही मुद्रांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है तथा व्यापारियों एवं उद्योग संचालकों से निर्धारित शुल्क वसूल लिया जाता है। महासंघ का कहना है कि ऐसी स्थिति में प्रतिवर्ष सत्यापन शुल्क देना व्यापारिक वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक भार साबित हो रहा है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महासंघ ने सुझाव दिया है कि माप एवं तोल उपकरणों के सत्यापन एवं मुद्रांकन की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष की जाए। इससे व्यापारियों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी तथा प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
राजस्थान विधिक माप विज्ञान प्रवर्तन नियम-2011 में प्रस्तावित संशोधनों के मद्देनजर भेजा गया यह सुझाव व्यापारिक समुदाय की उन चिंताओं को सामने लाता है, जो लंबे समय से सत्यापन एवं मुद्रांकन प्रक्रिया की कार्यप्रणाली को लेकर उठाई जाती रही हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इन सुझावों पर क्या निर्णय लेती है और प्रस्तावित संशोधनों में इन्हें कितना स्थान मिलता है।

Dharnendra Jain( Kherwara)
नाम: धरणेन्द्र जैन
वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)
कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें
अनुभव: 30 वर्ष से अधिक
परिचय
धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:
- वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
- उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
- वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
