क्षेत्र के पूर्व विधायक रणधीर सिंह भिंडर एवं पूर्व प्रधान कुबेर सिंह चावड़ा के नेतृत्व में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम बड़गांव पंचायत शिविर प्रभारी एवं सहायक विकास अधिकारी बालूराम प्रजापत को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में किए गए सेटलमेंट और भूमि पैमाइश में रही गंभीर त्रुटियों को सुधारने की मांग उठाई गई।

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि पुराने सेटलमेंट के दौरान हुई तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण प्रदेश के बड़ी संख्या में किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में सरकारी रिकॉर्ड (खातों) और जमीन की वास्तविक मौके की स्थिति के बीच इतनी बड़ी विसंगतियां उत्पन्न हो चुकी हैं कि सीधे-सादे किसानों को अपनी ही भूमि के अधिकार के लिए वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ज्ञापन में किसानों की इन जमीनी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार से मांग की गई कि विवादित पुराने सेटलमेंटों को तत्काल निरस्त कर उनके स्थान पर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से दोबारा पैमाइश (नाप-चौक) करवाई जाए। साथ ही सुझाव दिया गया कि सरकार विशेष राजस्व शिविरों का आयोजन करे, जहां ऐसे उलझे हुए भूमि संबंधी मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सके, ताकि किसानों को त्वरित राहत मिल सके।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपियां राजस्व मंत्री, मुख्य सचिव तथा राजस्थान राजस्व मंडल, अजमेर के अध्यक्ष को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई हैं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़गांव सरपंच बाबूलाल हरिजन, पूर्व सरपंच देवीसिंह शक्तावत, पूर्व प्रधान कुबेर सिंह चावड़ा, किसान संघ भिंडर तहसील प्रभारी प्रभाशंकर शर्मा, मांगीलाल कुमावत, बगदीराम गायरी, रामलाल जाट और प्रह्लाद दास सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान उपस्थित रहे।

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