राजस्थान: आईवीएफ केंद्रों में अनियमितता पर सख्ती, उदयपुर के दो सेंटर्स के पंजीकरण निलंबित
चिकित्सा विभाग ने अमर आशीष हॉस्पिटल और सम्पत एआरटी बैंक की मान्यता रद्द की; अंडों के अवैध खरीद-बेचान की शिकायतों के बाद 28 केंद्रों पर हुई औचक छापेमारी।

जयपुर/उदयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में संचालित आईवीएफ केंद्रों में पारदर्शिता, वैधानिक अनुपालन और नैतिक मानकों को सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। आईवीएफ सेंटर्स द्वारा अंडों (Eggs) के अवैध खरीद-बेचान की सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक व्यापक जांच अभियान छेड़ा है। इस सघन कार्रवाई के दौरान नियमों की गंभीर अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाते हुए उदयपुर के दो प्रतिष्ठित केंद्रों के पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिनों उदयपुर जिले के आईवीएफ केंद्रों में व्याप्त अनियमितताओं की पुख्ता सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। इसके निवारण हेतु राज्य स्तर पर एआरटी एवं सरोगेसी के राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया। साथ ही, उदयपुर जिले के समस्त पंजीकृत आईवीएफ सेंटर्स की गहन पड़ताल के लिए तीन पृथक टीमों के माध्यम से औचक निरीक्षण की कार्ययोजना तैयार की गई। इन टीमों ने तत्परता दिखाते हुए उदयपुर के कुल 28 केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।
राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता वाली टीम ने 2 मई को उदयपुर स्थित 'अमर आशीष हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर' पर दबिश दी। वहां एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक (लेवल-2) और सरोगेसी क्लीनिक से संबंधित दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच की गई। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों में कई गंभीर खामियां और विसंगतियां पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप संस्थान के एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक और सरोगेसी क्लीनिक के पंजीकरण को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसी क्रम में, टीमों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान 'सम्पत एआरटी बैंक, उदयपुर' में भी भारी अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसे देखते हुए इसके पंजीकरण को भी आगामी आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है। विभाग द्वारा शेष आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया वर्तमान में भी जारी है।
प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एआरटी विनियमन अधिनियम 2021 एवं सरोगेसी विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आमजन के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में मिलने वाली किसी भी त्रुटि पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग अब नियमित अंतराल पर राज्यभर के एआरटी बैंकों और क्लीनिकों का निरीक्षण करेगा ताकि संस्थानों की कार्यप्रणाली निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप रहे। श्रीमती राठौड़ ने दोहराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संकल्पित है और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध यह प्रहार निरंतर जारी रहेगा।

