IPR पोर्टल दोबारा खोलने की मांग तेज, 2.64 लाख कर्मचारियों की वेतन वृद्धि अटकी, महासंघ ने सरकार से की अपील
राजस्थान में IPR पोर्टल की तकनीकी खामियों से 2.64 लाख अधिकारी-कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि प्रभावित होने का दावा, महासंघ ने पोर्टल दोबारा खोलने की मांग उठाई।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने राज्य सरकार से IPR (Immovable Property Return/अचल संपत्ति विवरण) पोर्टल को पुनः खोलने की मांग की है। महासंघ का कहना है कि पोर्टल में आई तकनीकी खामियों के कारण प्रदेश के लाखों अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय सीमा तक अपनी अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन दर्ज नहीं कर सके, जिससे उनकी जुलाई माह की वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) प्रभावित हो गई है।
महासंघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कार्मिक विभाग के सचिव को भेजे पत्र (क्रमांक एबीआरएसएम/राज./महामंत्री/44, दिनांक 21 जुलाई 2026) में बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार सभी सरकारी कर्मचारियों को 31 जनवरी 2026 तक IPR पोर्टल पर अपनी अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करना अनिवार्य किया गया था। उन्होंने कहा कि अंतिम दिनों में पोर्टल पर अत्यधिक दबाव के कारण सर्वर संबंधी समस्याएं, ओटीपी सत्यापन में विफलता तथा अन्य तकनीकी बाधाएं आने से बड़ी संख्या में कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके।
महासंघ के अनुसार इन तकनीकी समस्याओं के चलते प्रदेश के विभिन्न विभागों के करीब 2.64 लाख अधिकारी एवं कर्मचारी अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराने से वंचित रह गए। इनमें शिक्षा विभाग के भी हजारों कार्मिक शामिल हैं।
पत्र में महासंघ ने कहा है कि तकनीकी खामियों के कारण समय पर अचल संपत्ति का विवरण प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। ऑनलाइन प्रणाली की कमियों का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है।
महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए IPR पोर्टल को एक बार पुनः खोला जाए, ताकि शेष अधिकारी एवं कर्मचारी अपना अचल संपत्ति विवरण दर्ज कर सकें और उनकी रुकी हुई वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। यह मांग ऐसे समय में उठाई गई है, जब तकनीकी कारणों से बड़ी संख्या में कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाने के कारण प्रभावित बताए जा रहे हैं।

Pratahkal Bureau
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