राजस्थान में ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के तहत ग्राम पंचायत डेरी में आयोजित शिविर के दौरान वर्षों से लंबित एक बड़ी समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शिविर में पांच वर्षों से रास्ते पर बने अतिक्रमण को हटाकर ग्रामीणों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई।

शिविर के दौरान परमारवाड़ा स्थित खसरा नंबर 1052 की 0.21 हेक्टेयर भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण को जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत के आधार पर हटाया गया। राजस्व विभाग, पुलिस बल और जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण को हटाकर संबंधित रास्ते को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में आ रही गंभीर समस्या का समाधान हुआ।

ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व, पंचायती राज और ग्रामीण विकास सहित कुल 22 विभागों ने एक ही स्थान पर आमजन को सेवाएं उपलब्ध कराईं। शिविर में कुल 162 परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही पंचायती राज विभाग द्वारा धारा 162(1) के तहत दो पट्टे भी जारी किए गए।

शिविर में उपखंड अधिकारी शिवन्या गुप्ता, शिविर प्रभारी विकास अधिकारी चंदूलाल पटेल, तहसीलदार हिम्मतराम पटेल, शिविर संयोजक ममता मीणा, प्रशासक शारदा भील, वीडीओ विनोद असवानी एवं मंडल अध्यक्ष दुर्गा देवी भगोरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई के दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

यह कार्रवाई ग्रामीण सेवा शिविर की उस प्रभावशीलता को दर्शाती है, जिसके माध्यम से वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।

वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।

Next Story