उदयपुर। प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भण्डारण, परिवहन और विक्रय पर पूर्ण अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष निरोधात्मक अभियान का दूसरा चरण प्रभावी रूप से जारी है। 20 मई से 31 मई 2026 तक संचालित इस गहन अभियान के तहत संपूर्ण राजस्थान में आबकारी विभाग द्वारा नाकाबंदी, सघन गश्त और दबिश की कार्रवाई को तीव्र कर दिया गया है।

अभियान के दूसरे चरण के प्रथम दिन, यानी 20 मई को प्रदेश भर में आबकारी विभाग ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए कुल 16 अभियोग दर्ज किए और 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। इस दौरान भारी मात्रा में देशी और विदेशी मदिरा की जब्ती के साथ ही अवैध शराब बनाने के काम में ली जा रही वॉश को नष्ट करने की कार्रवाई भी की गई। विशेष रूप से सिरोही जिले के संवेदनशील गांव मोरस के पारिया फली वन क्षेत्र में आबकारी दल ने दबिश दी, जहाँ प्लास्टिक के ड्रमों में छिपाकर रखी गई 1200 लीटर वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। साथ ही, अवैध मदिरा निर्माण में प्रयुक्त चालू भट्टी और अन्य उपकरणों को भी जब्त किया गया।

प्रदेश के समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा इस अभियान को अंजाम दिया जा रहा है। अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ विभाग ने 'जीरो टॉलरेंस' की सख्त नीति अपनाई है। प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन की यह निरंतर कार्रवाई अवैध मदिरा के कारोबारियों में भय पैदा कर रही है और आबकारी विभाग के अधिकारी इसे और अधिक सख्ती के साथ जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Pratahkal HQ

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