प्रशासनिक सुधार के लिए रेसा का हुंकार: उदयपुर में 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद ने शिक्षा विभाग में व्याप्त प्रशासनिक असंतुलन और पदोन्नति की विसंगतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उदयपुर में कलेक्टर को सौंपे गए 22 सूत्रीय मांग पत्र से सरकार के सामने बड़े आंदोलन का संकट खड़ा हो गया है।

उदयपुर में राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक सुधारों और पदोन्नति की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
उदयपुर। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा) ने प्रदेश के शिक्षा विभाग में व्याप्त प्रशासनिक असंतुलन और लंबे समय से लंबित पदोन्नति संबंधी विसंगतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने अपनी मांगों को लेकर एक कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित 22 सूत्रीय मांग-पत्र उदयपुर जिला कलेक्टर को सौंपा है। रेसा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते इन ज्वलंत मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो मजबूरन प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने विभागीय ढांचे की खामियों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य का सबसे बड़ा विभाग होने के बावजूद शिक्षा तंत्र प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों के शैक्षणिक वातावरण पर पड़ रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में लगभग 19 हजार प्रधानाचार्य कार्यरत हैं, लेकिन उनके लिए उच्च प्रशासनिक पदों की संख्या अत्यंत सीमित है। इस नीतिगत विसंगति के कारण अधिकांश प्रधानाचार्य अपने पूरे सेवाकाल में पदोन्नति से वंचित रहकर उसी पद से सेवानिवृत्त होने को मजबूर हैं।
रेसा ने प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी के बीच पदोन्नति का एक नया स्तर सृजित करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही एसीबीईओ, एडीईओ, सहायक निदेशक और एपीसी जैसे पदों के अपग्रेडेशन और अतिरिक्त निदेशक स्तर तक नए पदों के सृजन की मांग की गई है। कैडर पुनर्गठन के साथ-साथ वर्ष 2026-27 की लंबित डीपीसी प्रक्रिया को तत्काल शुरू करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। वित्तीय मांगों के अंतर्गत प्रधानाचार्यों का वेतनमान केंद्र सरकार के विद्यालयों के समकक्ष निर्धारित करने और पीईईओ एवं यूसीईईओ को उनके अतिरिक्त कार्य के एवज में मूल वेतन का 10 प्रतिशत विशेष भत्ता देने की पुरजोर सिफारिश की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष नरेंद्र टांक, प्रदेश उपसभाध्यक्ष यशवंत शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज वया और महेंद्र जैन सहित संगठन के अनेक प्रमुख पदाधिकारी और शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। यह घटनाक्रम शिक्षा विभाग में चल रहे गहरे असंतोष को दर्शाता है, जिसने सरकार के सामने प्रशासनिक सुधार की एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
