राजस्थान: माउंट आबू, जयपुर और बांसवाड़ा में 66वें केंद्रीय खेल प्रशिक्षण शिविर जून में
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा आयोजित शिविरों के लिए 15 मई तक आवेदन आमंत्रित, विशेषज्ञ प्रशिक्षक खिलाड़ियों को देंगे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण।

राजसमन्द। राजस्थान के खेल जगत और उदीयमान प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक हर्षोल्लासपूर्ण सूचना सामने आई है, जहाँ राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद जयपुर के दिशा-निर्देशानुसार आगामी जून माह में 66वें केंद्रीय आवासीय खेल प्रशिक्षण शिविरों का भव्य आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के तीन विशिष्ट केंद्रों—आबू पर्वत, जयपुर और बांसवाड़ा—में आयोजित होने वाले ये शिविर चयनित खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के कठोर एवं उच्च स्तरीय मार्गदर्शन में अपनी खेल कौशल को परिष्कृत करने का एक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेंगे। यह व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को नई ऊँचाइयाँ देगा, बल्कि उनके भविष्य के खेल करियर को एक सुदृढ़ और पेशेवर दिशा भी सुनिश्चित करेगा।
जिला खेल अधिकारी धर्म देव सिंह ने विस्तृत विवरण साझा करते हुए बताया कि माउंट आबू केंद्र पर हैंडबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स एवं तीरंदाजी विधाओं में बालक एवं बालिका दोनों वर्गों के लिए सघन आवासीय प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की गई है। राजधानी जयपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में फुटबॉल, क्रिकेट, जिम्नास्टिक, जूडो, हॉकी, कुश्ती, कबड्डी एवं साइक्लिंग जैसे खेलों में उभयलिंगी वर्गों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जबकि भारोत्तोलन एवं खो-खो विधाओं का प्रशिक्षण केवल बालक वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके अतिरिक्त, बांसवाड़ा में जनजातीय वर्ग के खिलाड़ियों की खेल क्षमता को सशक्त बनाने हेतु विशेष आवासीय शिविर का खाका खींचा गया है, जिसके अंतर्गत वॉलीबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी, हॉकी, खो-खो, फुटबॉल एवं हैंडबॉल में बालक-बालिका वर्ग तथा बास्केटबॉल में विशेष रूप से केवल बालक वर्ग को निपुण बनाया जाएगा।
इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनने के इच्छुक योग्य खिलाड़ी आगामी 15 मई 2026 तक अपना पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र कार्यालय, बालकृष्ण स्टेडियम, कांकरोली में व्यक्तिगत रूप से जमा करवाकर अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकते हैं। यह आयोजन राजस्थान की खेल संस्कृति को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा, जो राज्य की जमीनी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार करने का संकल्प दोहराता है।

