मावली। शिक्षा व्यवस्था की दिशा और दशा तय करने में शिक्षकों की भूमिका को केंद्र में रखते हुए राजस्थान आंबेडकर शिक्षक संघ का दो दिवसीय प्रांतीय शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को मावली नगर स्थित शिव वाटिका में गरिमामय वातावरण में प्रारंभ हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसने आयोजन को वैचारिक और संवैधानिक आधार प्रदान किया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि मावली विधायक पुष्करलाल डांगी रहे, जबकि अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. खेमराज कड़ेला ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वर्ल्ड ह्यूमन राइट के प्रदेशाध्यक्ष हरिश चौहान, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश सचिव रंजिता मेघवाल, आंबेडकर सेवा समिति के संभागीय अध्यक्ष भंवरलाल जीनगर, मावली अध्यक्ष ओमप्रकाश वसीटा, महामंत्री खुबीलाल रेगर, अजजा भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश मीणा, मेघ भगत महासभा के प्रदेशाध्यक्ष हेमराज मेघ, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक वर्मा तथा आंबेडकर वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष मोहनलाल मेघवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। जिला कार्यकारिणी की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया, जबकि कार्यक्रम का संचालन उदयपुर संभागीय अध्यक्ष कैलाशचंद्र खटीक ने किया।

सम्मेलन के पहले दिन नई शिक्षा नीति, शिक्षा में गुणात्मक सुधार, वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों तथा समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। मुख्य अतिथि विधायक पुष्करलाल डांगी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संवाहक नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की नींव मजबूत करने वाले शिल्पकार हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सशक्तिकरण ही मजबूत और जागरूक समाज की आधारशिला है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रदेशाध्यक्ष डॉ. खेमराज कड़ेला ने संगठन की गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सदस्यता अभियान को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों से ही शिक्षकों के अधिकारों और शिक्षा सुधार के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।

सम्मेलन के दौरान संघ के सेवानिवृत्त होने वाले पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया, जिसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामलाल मेघवाल, उपाध्यक्ष पन्नालाल खटीक, प्रदेश मंत्री रामलाल रेगर, रतनलाल खटीक, छगनलाल अरणाय, जसराज सरगरा, तुलसीराम मेघवाल, मदनलाल रेगर, गंगाराम खटीक, इंद्रमल खराड़ी, सीएल मेघवाल, भंवरलाल सोलंकी, प्रवीण जीनगर, भगवतीप्रसाद सालवी, नाथूलाल मेघवाल, मांगीलाल मेघवाल और राधेश्याम जटिया शामिल रहे। बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संघ पदाधिकारी सम्मेलन में उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की व्यापकता और प्रभावशीलता स्पष्ट हुई।

सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार को खुले मंच का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राज्यभर से आए शिक्षक और पदाधिकारी अपनी समस्याएं, सुझाव और प्रस्ताव रखेंगे। इन विचारों के आधार पर एक विस्तृत मांग पत्र तैयार कर सम्मेलन के समापन के बाद राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। यह सम्मेलन न केवल शिक्षकों की आवाज को संगठित रूप देगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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