उदयपुर में शिक्षकों का खुला मंच, स्थानांतरण नीति और नियमित डीपीसी पर बनी सहमति
उदयपुर में राजस्थान अंबेडकर शिक्षक संघ के जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में शिक्षकों ने खुले मंच पर समस्याएं रखीं। स्थायी स्थानांतरण नीति, नियमित डीपीसी, पदोन्नति और आरक्षण समेत कई मांगों पर 21 सूत्री मांग पत्र तैयार हुआ।

तस्वीर में उदयपुर के एक स्कूल हॉल में राजस्थान अंबेडकर शिक्षक संघ के दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन के समापन पर मौजूद शिक्षक और पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।
उदयपुर में राजस्थान अंबेडकर शिक्षक संघ के दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन के समापन पर शिक्षकों ने खुले मंच पर अपनी समस्याएं, सुझाव और प्रस्ताव रखे। पं. खेमराज राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, आयड़ में शनिवार को संपन्न सम्मेलन में जिलेभर से आए शिक्षकों और संघ पदाधिकारियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों तथा शिक्षक हितों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के समापन पर विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर 21 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया, जिसे राज्य सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक तंत्र को प्रेषित किया जाएगा।
जिला महामंत्री रामसिंह रेगर ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार को खुले मंच का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों ने अपनी समस्याएं, सुझाव एवं प्रस्ताव खुलकर रखे।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे प्रदेशाध्यक्ष डॉ. खेमराज कड़ेला ने शिक्षकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि उदयपुर संभागीय अध्यक्ष कैलाशचंद्र खटीक ने शिक्षा को समाज के वंचित एवं अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। जिलाध्यक्ष गौतम तिरगर ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
खुले मंच पर हुए विचार-विमर्श के बाद स्थायी स्थानांतरण नीति बनाने, 2009 से कार्यरत पातेय वेतन वरिष्ठ अध्यापक व प्रधानाध्यापक को कार्यग्रहण तिथि से कन्फर्म करने और अजा/जजा का आर्थिक आधार ढाई लाख से बढ़ाकर 8 लाख ईडब्ल्यूएस की भांति करने पर सहमति बनी। सभी संवर्गों की नियमित डीपीसी करने, समस्त संवर्गों में रोस्टर के अनुसार पदोन्नति करने तथा पदोन्नति में जोन ऑफ कन्सीडरेशन की सीमा को असीमित करने की मांग भी 21 सूत्री मांग पत्र में शामिल की गई।
इसके अलावा आरक्षित पदों की पात्रता सूची पृथक से बनाने, कंप्यूटर अनुदेशक का नाम कंप्यूटर शिक्षक कर समस्त परिलाभ देने, आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालकर लाभ देने और निजी क्षेत्र में संवैधानिक प्रावधान के अनुसार आरक्षण लागू करने की मांग रखी गई। शारीरिक शिक्षकों की नियमित डीपीसी करने तथा अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को स्कूल प्रदत्त योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ को अजा/जजा को भी देने सहित विभिन्न मांगों को मांग पत्र में शामिल किया गया।
सम्मेलन में प्रधानाचार्य दिनेश सालवी, मगन पछोला, मीरा मेघवाल, शहर जिला मंत्री ललित पिछोलिया, प्रेमलता यादव, प्रेम सालवी, मीनाक्षी, मावली ब्लॉक अध्यक्ष नानालाल भील, रोहित कुमार, रामलाल रेगर, बाबूलाल बैरवा, नेतराम, राजेंद्र सालवी, मोतीलाल, हिम्मत मेघवाल, राजेंद्र मेघवाल, पन्नालाल मेघवाल, सुनील चौधरी, दिनेश मेघवाल, देवीलाल मेघवाल, लक्ष्मीलाल मीणा, भुरालाल मीणा, हिमांशु बारोठ, अनिल खटीक, प्रकाश मीणा, पुष्पा मीणा, मोडीराम सहित जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को 21 सूत्री मांग पत्र के रूप में संकलित कर राज्य सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक तंत्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया तय की गई।

Bhupesh Prajapat (Udaipur)
नाम: भूपेश प्रजापत
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: मावली (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति और क्राइम (अपराध)
परिचय
भूपेश प्रजापत मावली क्षेत्र के ग्राउंड रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय राजनीति और आपराधिक मामलों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही वह क्षेत्र की जन समस्याओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों व उनकी जांच पर नियमित रूप से समाचार कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
भूपेश प्रजापत शैक्षणिक रूप से स्नातक (Graduate) हैं।
