समाज सुधार, युवा दिशा और सामाजिक एकजुटता को केंद्र में रखकर राजस्थान आदिवासी संघ 22 मई को अपना 60वाँ स्थापना दिवस समारोह केशरियाजी स्थित पगलियाजी मंदिर में आयोजित करेगा। समारोह प्रात: 10 बजे शुरू होगा, जिसमें समाज के वर्तमान एवं पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, सरपंच, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रबुद्धजन, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, पंच-पटेल, मेट, कोटवाल, साधु-संत, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे।

संघ के प्रदेशाध्यक्ष भूपतसिंह भगोरा ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि समाज के भविष्य, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक सुधार को लेकर व्यापक मंथन का मंच बनेगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाजहित में सार्थक सुझाव देने तथा एकजुटता के साथ विकास की दिशा तय करने का आह्वान किया।

समारोह में समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े 28 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेष रूप से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में बढ़ते फिजूलखर्च पर नियंत्रण, समाज में जनजागृति लाने तथा सामाजिक एकरूपता स्थापित करने के लिए प्रभावी नियम बनाने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। आयोजन में समाज के पारंपरिक तंत्र से जुड़े पंच-पटेल, मेट और कोटवालों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संघ का मानना है कि बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, सामाजिक बिखराव को रोकने और सामूहिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए ऐसे मंथन आवश्यक हैं। स्थापना दिवस समारोह को लेकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है और इसे आदिवासी समाज के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों का मंच माना जा रहा है।

समारोह के माध्यम से राजस्थान आदिवासी संघ सामाजिक सुधार, संगठनात्मक एकता और समाजहित के मुद्दों पर सामूहिक सहमति बनाने की दिशा में बड़ा संदेश देने की तैयारी में है।

Pratahkal Bureau

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