प्रो. नीरज शर्मा बने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में कला कॉलेज के डीन
संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज शर्मा ने पदभार ग्रहण किया। वे राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित हैं और भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रखर अध्येता माने जाते हैं।

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के अंतर्गत, प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. नीरज शर्मा को सामाजिक विज्ञान और मानविकी महाविद्यालय का अधिष्ठाता (डीन) तथा मानविकी संकाय का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अपनी नियुक्ति के उपरांत प्रो. शर्मा ने गुरुवार को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है। संस्कृत विभाग के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे प्रो. नीरज शर्मा भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रखर अध्येता माने जाते हैं।
प्रो. शर्मा का विश्वविद्यालय में लंबा और गौरवशाली अकादमिक अनुभव रहा है, वे फरवरी 2012 से सुविवि में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन में उनकी दक्षता का प्रमाण उनके द्वारा पूर्व में संभाली गई जिम्मेदारियां हैं, जिनमें डीन पीजी स्टडीज, चेयरमेन स्पोर्ट्स बोर्ड और बोम (BOM) सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल रहे हैं। एक शोधार्थी के रूप में प्रो. शर्मा की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 90 शोधपत्रों का सृजन और 10 ग्रंथों का लेखन व संपादन किया है। उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का शिखर तब और ऊंचा हो गया, जब उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से वैदिक कृषि विज्ञान विषय पर डीलिट की उपाधि प्राप्त की। उनके विशिष्ट अकादमिक योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। प्रो. नीरज शर्मा का यह नया दायित्व सुविवि के सामाजिक विज्ञान और मानविकी संकाय के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत है, जिससे विश्वविद्यालय के शोध और शैक्षणिक गुणवत्ता को नई गति मिलने की प्रबल संभावना है।

