उदयपुर में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट के दौरान मेवाड़ के ऐतिहासिक गौरव को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। हल्दीघाटी युद्ध विजय की 450वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 17 जून को होने वाली ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ से पूर्व आयोजित इस बैठक में सोशल मीडिया के माध्यम से महाराणा प्रताप की शौर्यगाथा को व्यापक रूप से प्रसारित करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित सोशल मीडिया समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि डिजिटल माध्यमों से युवाओं और आमजन तक मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को तथ्यात्मक और स्रोत-आधारित रूप में पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अवसर पर इतिहासविदों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों, संदर्भों और प्रमाणिक विवरणों की जानकारी भी प्रदान की।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया आज जनमानस को प्रभावित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए आवश्यक है कि सही और प्रमाणिक ऐतिहासिक जानकारी जनता तक पहुंचे। उन्होंने मेवाड़ के इतिहास को लेकर फैली विभिन्न धारणाओं को दूर करने और तथ्यों के साथ महाराणा प्रताप की गाथा को प्रस्तुत करने पर बल दिया।

वरिष्ठ इतिहासविद डॉ. प्रताप सिंह झाला ने हल्दीघाटी युद्ध की घटनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार इस युद्ध में लगभग 3500 मेवाड़ी सैनिकों ने भाग लिया था, जिनमें से करीब 350 योद्धा चार घंटे के भीषण संघर्ष में वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि लगभग 200 योद्धाओं के नाम आज भी ऐतिहासिक अभिलेखों में सुरक्षित हैं, जो उनके अद्वितीय बलिदान का प्रमाण हैं।

प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने कहा कि 18 जून 1576 का हल्दीघाटी युद्ध केवल सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और मातृभूमि की रक्षा का प्रतीक था। उन्होंने बताया कि आगामी राष्ट्र चेतना संकल्प सभा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को मेवाड़ के शौर्य और राष्ट्रनिष्ठा से परिचित कराना है।

कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने 17 जून को प्रस्तावित विशाल सभा की व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। वहीं सोशल मीडिया समिति के पदाधिकारियों ने डिजिटल अभियान को गति देने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मोहन भागवत 17 जून को होने वाली राष्ट्र चेतना संकल्प सभा को संबोधित करेंगे। बैठक में महाराणा प्रताप महाराणा प्रताप के जीवन और हल्दीघाटी युद्ध की ऐतिहासिक भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में विभिन्न इतिहासकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिसमें डिजिटल माध्यमों से मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ।

Pratahkal Bureau

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