वल्लभनगर। राजस्थान के वल्लभनगर निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। निर्वाचन आयोग के नियमों को ताक पर रखकर थोक में फॉर्म जमा कराने के गंभीर आरोपों के बीच, क्षेत्र की राजनीति में जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान और पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत के कड़े निर्देशों पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वल्लभनगर के कार्यकर्ताओं ने आज एसडीएम कार्यालय के बाहर हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सेंधमारी की कोशिशों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपकर इस 'सिस्टम' को सुधारने की मांग की।

मामले की जड़ में निर्वाचन नियमावली का कथित उल्लंघन है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इलेक्टोरल मैनुअल 2023 के पैरा संख्या 11.3.2(2) के तहत किसी भी परिस्थिति में 'बल्क' यानी सामूहिक आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते। बावजूद इसके, वल्लभनगर एसडीएम कार्यालय में नियमों को दरकिनार कर एक विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा एक ही दिन में सैकड़ों की संख्या में 'फॉर्म-7' जमा कराए जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण और उचित सत्यापन के इतनी बड़ी संख्या में नाम कटवाने या परिवर्तन करने के फॉर्म जमा करना सीधे तौर पर चुनाव आयोग के निर्देशों की अवहेलना है।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के स्थानीय दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन अवैध आवेदनों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश मेनारिया, जिला महासचिव भगवान लाल अहीर और संगठन महासचिव डालचन्द नागदा ने किया। ज्ञापन सौंपते समय नगर पालिका पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि राजकुमार गुर्जर, नेता प्रतिपक्ष मांगीलाल रावत, मंडल अध्यक्ष देवेन्द्र सालवी और ब्लॉक महासचिव गोपीलाल गाडरी ने भी अपनी बात मुखरता से रखी।

इस मौके पर धमानिया उपसरपंच वरदी चंद डांगी, पूर्व युथ अध्यक्ष विरेन्द्र जोशी, युवा ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण डांगी और पूर्व पार्षद अमर चंद खटीक सहित बूथ अध्यक्ष आशुतोष गुर्जर, युवा नेता दिनेश गुर्जर, वालचंद डांगी, माधव जाट और वरदी चंद मेघवाल जैसे वरिष्ठ एवं युवा कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई। वल्लभनगर का यह प्रदर्शन न केवल चुनावी सूचियों की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी का भी संकेत दे रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की नींव है और वे किसी भी हाल में मतदाता सूचियों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।

Hemant Ameta, Udaipur

Hemant Ameta, Udaipur

हेमंत अमेटा उदयपुर से प्रात:काल के लिए समाचार कवर करने वाले अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरों को सटीक और निष्पक्ष दृष्टिकोण से पाठकों तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। हेमंत अपने तेज़ रिफ्लेक्स और खबरों की गहन जांच के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को हर अपडेट समय पर और भरोसेमंद जानकारी के साथ मिलती है।

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