रोम यात्रा: पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने साझा की सेल्फी
प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे पर जॉर्जिया मेलोनी ने किया स्वागत। भारतीय समुदाय ने किया भव्य अभिनंदन, सनातन धर्म संघ को मिली आधिकारिक मान्यता।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रोम में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे। यहां उनका स्वागत इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक बेहद खास और अनौपचारिक अंदाज में किया। मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक सेल्फी ली और उसे 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए गर्मजोशी के साथ लिखा, "मेरे दोस्त रोम में आपका स्वागत है।" इस आधिकारिक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित हैं।
रोम स्थित होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। भारी तादाद में एकत्र हुए भारतीय प्रवासियों ने तिरंगा लहराते हुए 'मोदी-मोदी' के नारों से माहौल को गुंजायमान कर दिया। प्रधानमंत्री ने भी पूरी गर्मजोशी के साथ लोगों से मुलाकात की, उनसे हाथ मिलाया और बच्चों को ऑटोग्राफ दिए। इस अवसर पर भारतीय और इतालवी कलाकारों द्वारा पारंपरिक नृत्य और शास्त्रीय संगीत का आयोजन किया गया, जिसका प्रधानमंत्री ने आनंद लिया और कलाकारों की हौसला-अफजाई की।
इस दौरान प्रधानमंत्री से मिलने वालों में स्वामिनी शुद्धानंद गिरी प्रमुख थीं, जिन्होंने बताया कि यह 2021 के बाद उनकी प्रधानमंत्री से दूसरी मुलाकात है। उन्होंने जानकारी दी कि इतालवी संसद द्वारा 'सनातन धर्म संघ' को इटली में एक आधिकारिक धर्म के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। स्वामिनी शुद्धानंद गिरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 2021 की पिछली मुलाकात में भी प्रधानमंत्री ने उनके मिशन को बनाए रखने और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
भारतीय प्रवासी समुदाय के अन्य सदस्यों ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद अपनी खुशी साझा की। एएनआई से बात करते हुए एक सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री का उनसे सीधे संवाद करना अत्यंत सुखद और एक खास पल था, जिसमें उन्होंने एकता और एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति से प्रेरित एक इतालवी कलाकार द्वारा निर्मित वाराणसी के घाटों को दर्शाती पेंटिंग का भी अवलोकन किया। कलाकार ने अपने अनुभव को अद्भुत बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बहुत दयालु हैं और उन्होंने स्वयं पेंटिंग को बनाने में लगे समय के बारे में जिज्ञासा जाहिर की। कलाकार ने इसे इतालवी दृष्टि और भारतीय संस्कृति के बीच एक सेतु करार देते हुए भारत के प्रति अपने गहरे प्रेम को रेखांकित किया। यह दौरा भारत और इटली के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों की प्रगाढ़ता का एक जीवंत प्रमाण बना।

