उदयपुर।

पीपलबारा क्षेत्र की जनता वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद में प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन यह प्रतीक्षा अब त्रासदी का रूप ले चुकी है। गुरुवार दोपहर प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीपलबारा उपस्वास्थ्य केंद्र (PSC) पिछले एक साल से गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रहा है। हालात इतने दयनीय हैं कि पिछले 20 दिनों से केवल एक नर्सिंग स्टाफ पूरे अस्पताल का संचालन कर रही है, जबकि डॉक्टर सप्ताह में मुश्किल से एक बार ही पहुँचते हैं।

करीब 3 बीघा भूमि पर वर्ष 2008 में निर्मित यह उपस्वास्थ्य केंद्र कभी ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य का प्रमुख केंद्र बनने की आशा लेकर बना था, लेकिन आज यह केवल एक इमारत बनकर रह गया है। उपचार के नाम पर यहाँ व्यवस्था नाममात्र की है। आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाता। मजबूरन ग्रामीणों को ब्याज पर रुपए लेकर वाहन किराए पर लेकर मादड़ी, झाड़ोल या फलासिया जैसे दूरस्थ कस्बों तक जाना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और मांगों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से डॉक्टर व स्टाफ की स्थायी नियुक्ति की मांग की, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीपलबारा जैसे आंतरिक क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की यह स्थिति न केवल सरकारी उदासीनता को उजागर करती है बल्कि ग्रामीणों के जीवन को प्रतिदिन संकट में डाल रही है। अब सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और कब इस उपस्वास्थ्य केंद्र को उसके वास्तविक उद्देश्य — जनसेवा — के अनुरूप सशक्त करेगा।

Vishnu Lohar, Jhadol

Vishnu Lohar, Jhadol

नाम: विष्णु लोहार

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)

कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल

अनुभव: करीब 10 वर्ष

बीट और विशेषज्ञता 

  • स्थानीय एवं ग्रामीण समाचार: झाड़ोल व गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र, ग्रामीण पंचायतों, सामाजिक गतिविधियों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की नियमित कवरेज।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत, विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां, जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम एवं राजनीतिक घटनाक्रम।
  • क्राइम: पुलिस कार्रवाई, अपराध संबंधी घटनाएं, कानून-व्यवस्था एवं न्यायिक मामलों की रिपोर्टिंग।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई, विकास कार्य, शिविरों एवं प्रशासनिक निर्णयों की कवरेज।
  • शिक्षा: विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षा योजनाओं, विद्यार्थियों की उपलब्धियों एवं शिक्षा संबंधी समस्याओं पर रिपोर्टिंग।
  • स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिविर, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं, जनस्वास्थ्य एवं जागरूकता विषयक समाचार।
  • बिज़नेस एवं व्यापार: स्थानीय व्यापार, बाजार गतिविधियां, छोटे व्यवसाय, उद्यमिता एवं आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषय।
  • सामाजिक एवं जनहित मुद्दे: ग्रामीण समस्याएं, नागरिक सुविधाएं, सामाजिक सरोकार, सरकारी योजनाएं, ग्रामीण विकास तथा जनकल्याण से जुड़े विषयों की विशेष कवरेज।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • वाणिज्य स्नातक (B.Com)
  • वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)

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