पलाना कलां में सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण मामला: आदेशों के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
पलाना कलां में सार्वजनिक आबादी भूमि पर अतिक्रमण मामले में शिकायतों और नोटिस के बाद भी कार्रवाई का इंतजार, पंचायत की प्रक्रिया पर नजर।

ग्राम पंचायत पलाना कलां में हनुमान मंदिर के समीप सार्वजनिक आबादी भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला एक महीने से अधिक समय बाद भी कार्रवाई की राह देख रहा है। शिकायतकर्ता महेन्द्र जाट का आरोप है कि शिकायतों, विकास अधिकारी के लिखित निर्देशों और ग्राम पंचायत की सार्वजनिक चेतावनी के बावजूद मौके पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
महेन्द्र जाट के अनुसार, सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर उन्होंने पहले ग्राम विकास अधिकारी, विकास अधिकारी और सरपंच को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को अतिक्रमण रोकने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। ग्राम पंचायत की ओर से भी सार्वजनिक नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक निर्देशों और पंचायत की चेतावनी के बावजूद मौके पर न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही निर्माण कार्य पूरी तरह रोका गया। उनका आरोप है कि नींव की खुदाई और निर्माण गतिविधियां जारी रहीं। उन्होंने बताया कि हर बार ग्राम विकास अधिकारी की ओर से केवल "नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी" का आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी परिणाम नजर नहीं आया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासनिक आदेशों और ग्राम पंचायत की सार्वजनिक सूचना के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो इससे सरकारी आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े होते हैं और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों को बढ़ावा मिल सकता है।
इस मामले में उपरपंच पारस खटीक ने बताया कि इस संदर्भ में गुरुवार को कोरम रखी गई थी, लेकिन प्रशासक मौजूद नहीं होने के कारण कोरम पूरी नहीं हो पाई।
वहीं ग्राम विकास अधिकारी प्रकाश पालीवाल ने कहा कि "एकेला सचिव कुछ नहीं कर सकता, कोरम रखकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।"
अब ग्रामीणों और शिकायतकर्ता की नजर ग्राम पंचायत की आगामी कार्रवाई पर है, ताकि सार्वजनिक आबादी भूमि पर कथित अतिक्रमण मामले में प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप निर्णय लिया जा सके।

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