हाईवे 76 पर सर्विस रोड न बनने से 30 हजार से अधिक किसान और ग्रामीण परेशान, आंदोलन की चेतावनी
उदयपुर के हाईवे 76 पर सर्विस रोड न बनने से लगभग 30 हजार किसानों और ग्रामीणों को रोजाना समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की। आंदोलन की चेतावनी के बीच अधिकारियों की कार्रवाई पर निगाहें हैं।

उदयपुर। शहर के देबारी से काया हाईवे बाईपास तक, रानी जी की बावड़ी, पारा खेत और उमरड़ा मार्ग से जुड़े हाईवे 76 के पास स्थित दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों और निवासियों को सर्विस रोड न होने के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित गांवों में कलडवास, एकलिंगपुरा, मनवा खेड़ा, कानपुर खेड़ा, खरबड़िया, उमरड़ा, जापा, डेडक्या, आंबुआ, धामदर, मानपुरा, नाकोली, समेता, खारवा, जोधपुरा, साडपुरा, अंबामाता घाटी, मामा देव, उमरड़ा खेड़ा, रेला, बाघदड़ा नेचर पार्क, झामेश्वर महादेव, उमरड़ा रेलवे स्टेशन, जगत, चांसदा, गींगला, वली, दातेश्वर, खेड़ी, लालपुरा, जामर कोटड़ा और लकड़वास शामिल हैं।
इस मुद्दे को लेकर मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रबंध निदेशक अनिल चौधरी को ज्ञापन सौंपा। समिति के संयोजक विष्णु पटेल ने बताया कि यह कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं है, बल्कि यह किसानों और क्षेत्रवासियों की व्यावहारिक पीड़ा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब हाईवे बनाया गया था, तब अधिकारियों और तत्कालीन जिला कलेक्टर ने सर्विस रोड बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बावजूद यह मार्ग अब तक नहीं बनाया गया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि हाईवे निर्माण के दौरान दोनों छोरों पर किसानों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाए गए हैं, जिससे प्रतिदिन किसानों, निवासियों और यात्रियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कानपुर के पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी ने बताया कि नई सर्विस रोड बनने से तीन-चार किलोमीटर का व्यर्थ का चक्कर घटेगा और प्रतापनगर चौराहे पर यातायात कम होने से दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
विष्णु पटेल ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसान और ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघर्ष समिति के सहसंयोजक प्रेम चंद, ओमप्रकाश डांगी, बाबूलाल गमेती, और उमरड़ा के पूर्व सरपंच भेरूलाल मीणा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
यह समस्या न केवल प्रताप नगर और देबारी मार्ग पर रोजाना लगने वाले जाम को प्रभावित कर रही है, बल्कि उमरड़ा रेलवे स्टेशन और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों और यात्रियों के लिए भी गंभीर कठिनाई पैदा कर रही है। उच्चाधिकारियों ने फिलहाल इस मुद्दे पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है।
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Pratahkal Bureau
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