ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में खेरोदा और उदयपुर में केमिस्टों की हड़ताल
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर दवा की दुकानें बंद रहीं, मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

उदयपुर जिले के खेरोदा कस्बे में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की देशव्यापी हड़ताल के दौरान बंद पड़ी एक मेडिकल स्टोर के बाहर फल-सब्जी का ठेला और खड़े लोग।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को खेरोदा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में दवाइयों की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स के समर्थन में राजस्थान केमिस्ट एलायंस तथा उदयपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट ऑर्गनाइजेशन से जुड़े स्थानीय दवा विक्रेताओं ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जिससे एक दिवसीय हड़ताल शत-प्रतिशत सफल रही।
खेरोदा क्षेत्र में सुबह से ही सभी मेडिकल स्टोरों के शटर डाउन रहे, जिसके चलते चिकित्सा सेवाओं पर व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ा तथा भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि संगठन की ओर से इस असुविधा के लिए पूर्व में ही खेद व्यक्त किया गया था।
हड़ताल के बाद स्थानीय स्तर पर दवा विक्रेता एवं केमिस्ट पदाधिकारी उदयपुर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य क्षेत्रों से आए केमिस्टों के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान दवा व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए विशाल मानव श्रृंखला बनाई और सरकार व प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।
प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन दवाइयों की अवैध बिक्री (जीएसआर 817 दिनांक 28-08-2018 को वापस लेने), कॉर्पोरेट घरानों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट को समाप्त करने तथा देश को नकली दवाइयों के संकट से बचाने के लिए कोविड काल के नियम (जीएसआर 220 दिनांक 26-03-2020) को निरस्त करने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के कारण छोटे एवं ग्रामीण दवा विक्रेताओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान केमिस्टों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और जनविरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। आज के पूर्ण बंद और जिला स्तरीय प्रदर्शन ने खेरोदा सहित पूरे ग्रामीण अंचल में दवा विक्रेताओं की मजबूत एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
