देवास। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती की पूर्व संध्या पर देवास छात्रावास का माहौल शुक्रवार रात आध्यात्मिक स्वर और जनजातीय गर्व की अनुगूंज से भर उठा, जब राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद, देवास संकुल के तत्वावधान में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे आयोजन को एक पवित्र और गरिमामय वातावरण प्रदान किया।

मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह ग्रामविकास प्रमुख डॉ. राधिका लड्डा ने अपने संबोधन में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष, उनके बलिदान और जनजातीय समाज के पुनर्जागरण में दिए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बिरसा मुंडा ने न केवल आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष किया, बल्कि समाज को एक नई चेतना और दिशा भी प्रदान की।

कार्यक्रम के समापन पर संकुल के प्रमुख कार्यकर्ताओं को धार्मिक ग्रंथ ‘रामायण’ की प्रतियाँ सम्मानस्वरूप भेंट की गईं, जिसे उपस्थित जनों ने भावपूर्वक स्वीकार किया। आयोजन में संकुल प्रभारी ओमप्रकाश गुर्जर, आदर्श विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक नेपाल सिंह झाला, विद्या मंदिर के आचार्यगण, श्रद्धाजागरण प्रमुख, ग्राम प्रमुख एवं ग्राम समिति के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई यह भजन संध्या न केवल भगवान बिरसा मुंडा के प्रति श्रद्धांजलि बनी, बल्कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत और गौरव को भी मजबूती से उजागर करती रही।

Pratahkal Bureau

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