निर्जला एकादशी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा की लहर, भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना के साथ गूंजे भजन-कीर्तन
खेरवाड़ा क्षेत्र में निर्जला एकादशी पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना, कथा श्रवण, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य के बीच पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा।

बावलवाड़ा के सिद्धेश्वर सोमनाथ महादेव परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में निर्जला एकादशी के अवसर पर एकादशी व्रत कथा सुनतीं महिला श्रद्धालु।
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पावन निर्जला एकादशी पर खेरवाड़ा क्षेत्र के मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान विष्णु की आराधना के लिए सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। व्रतधारियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की, जबकि भजन-कीर्तन और कथा श्रवण से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी को वर्ष की सभी 24 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस व्रत में बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है तथा मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
निर्जला एकादशी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु का पूजन कर एकादशी व्रत कथा का श्रवण किया। इस दौरान राम मंदिर के प्रवक्ता जगदीश व्यास, पुजारी हसमुख पानेरी, राहुल व्यास एवं मनोज जोशी ने श्रद्धालुओं को निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा और इससे जुड़ी मान्यताओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाभारत काल में भीमसेन द्वारा इस व्रत का पालन किए जाने के कारण इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
व्रतधारियों और श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर जल, छाछ, वस्त्र तथा अन्य आवश्यक सामग्री का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप दान-पुण्य और सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया।
बावलवाड़ा स्थित सिद्धेश्वर सोमनाथ महादेव परिसर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी निर्जला एकादशी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। प्रातःकाल भगवान विष्णु का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसके बाद आरती आयोजित हुई। महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर धार्मिक उत्साह का परिचय दिया। मंदिर के पुजारी राजेश व्यास ने बताया कि सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में पहुंचती रही, जो दोपहर तक जारी रही। बाद में भगवान को आम का भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं को एकादशी कथा सुनाई गई।
दिनभर मंदिरों में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के समक्ष अपने परिवार और समाज के सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। निर्जला एकादशी के अवसर पर उमड़ी आस्था ने एक बार फिर सनातन परंपराओं के प्रति लोगों की गहरी धार्मिक निष्ठा और विश्वास को उजागर किया।
फोटो कैप्शन : कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालु।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
