डूंगरपुर के नेजपुर गांव में गोविंद गर धूणी में मूर्ति स्थापना के दौरान सांसद और विधायक का ऊंट पर भव्य स्वागत किया गया, ग्रामीणों ने विकास कार्यों की मांग रखी।

डूंगरपुर। जिले के नेजपुर गांव स्थित गोविंद गर धूणी में मूर्ति स्थापना एवं अनुष्ठान का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। नेजपुर, भेहाफेला और बयोडा सहित आसपास के अनेक गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु इस धार्मिक महोत्सव के साक्षी बने। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना एवं मूर्ति स्थापना के साथ हुआ, जिससे समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

दोपहर करीब एक बजे बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत, आसपुर विधायक उमेश डामोर, बीएपी जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत, राष्ट्रीय सदस्य कांतीलाल रोत एवं प्रदेश प्रचारक मुकेश कलासुआ की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया और उन्हें ऊंट पर बिठाकर गांवभर में शोभायात्रा निकाली। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंद गर धूणी में मूर्ति स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जो अब पूर्ण हुई है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर के आसपास मैदान के समतलीकरण एवं परकोटा निर्माण की मांग सांसद के समक्ष रखी, जिस पर उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्य करवाने का ठोस आश्वासन दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीपीएमएम प्रदेश प्रचारक मुकेश कलासुआ ने कहा कि गोविंद गुरु ने समाज को जागरूक करने के लिए भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया और क्षेत्र को शराबमुक्त बनाने हेतु निरंतर संघर्ष किया। यह धूणी उनके आदर्शों की जीवंत प्रेरणा बनी रहेगी। आसपुर विधायक उमेश डामोर ने भक्तों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि भक्ति का मार्ग सत्य की ओर ले जाता है, जो आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भक्ति के नाम पर अत्यधिक उपवास कर शरीर को कमजोर करना उचित नहीं है, क्योंकि स्वस्थ शरीर से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान संभव है।

सांसद राजकुमार रोत ने अपने संबोधन में जोर दिया कि गोविंद गुरु ने भक्ति के माध्यम से जनजागरण कर समाज को संगठित करने का अद्वितीय कार्य किया। आज के युग में भी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने दोहराया कि वे प्रत्येक वर्ग एवं समाज की समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। इस गरिमापूर्ण आयोजन ने न केवल क्षेत्र की धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा दी है, बल्कि गोविंद गुरु के आदर्शों को भी जन-जन तक पुनर्स्थापित किया है।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story