नयागांव फला स्कूल पर फैली खबर का सीजेपी ने किया खंडन, 25 लाख से फिर बनेगा भवन
नयागांव फला विद्यालय को लेकर सोशल मीडिया पर बच्चों के जर्जर भवन में पढ़ने की खबर पर सीजेपी ने स्थिति स्पष्ट की। 2017-18 की अधूरी निर्माण प्रक्रिया के बाद अब 2026-27 में डीएमएफटी से 25 लाख की स्वीकृति मिली है।

तस्वीर में नयागांव फला विद्यालय परिसर के बाहर सीबीईओ महोदया श्रीमती जयमाला खराड़ी, एसीबीओ श्री कल्पेश मीणा, आरपी श्री बलदेव दरंगा और आरपी श्री मनीष गरासिया अधिकारियों के दल के साथ नजर आ रहे हैं।
ब्लॉक नयागांव की ग्राम पंचायत देमत के नयागांव फला स्थित विद्यालय को लेकर ट्विटर और एक्स पर सीजेपी तथा कुछ ग्रामवासियों की ओर से बच्चों के अस्त-व्यस्त हालात और जर्जर भवन में बैठकर पढ़ाई करने की खबर प्रसारित की गई थी। सीजेपी की ओर से इस खबर का खंडन किया गया है। बताया गया कि जिस कच्चे घर में बच्चों की पढ़ाई हो रही है, वह मजबूत स्थिति में है। सरपंच रूप सिंह जी ने बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए घर के ऊपर सीमेंटेड चद्दर से ढकवाया है।
वास्तविक स्थिति के अनुसार वर्ष 2017-18 में समसा द्वारा विद्यालय भवन निर्माण के लिए 24 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे और टेंडर जारी किया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने वहां निर्माण कार्य शुरू किया, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने ठेकेदार के साथ मारपीट की और पैसों की भी मांग की। इसके चलते ठेकेदार निर्माण कार्य बीच में ही अधूरा छोड़कर चला गया। ठेकेदार ने नींव के ऊपर 4/5 फीट तक निर्माण कार्य कर लिया था, जो आज भी मौके पर मौजूद है।
इसके बाद समसा द्वारा 9 से 10 बार री-टेंडर किया गया, लेकिन उक्त घटना के कारण किसी ने भी टेंडर नहीं लगाया। इससे स्वीकृत राशि लैप्स हो गई। अब वर्ष 2026-27 में पुनः डीएमएफटी फंड से 25 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी हुई है। बताया गया कि इस बार भी भवन निर्माण में स्थानीय ग्रामवासियों और पड़ोसी लोगों का सहयोग नहीं रहा तो कोई भी ठेकेदार टेंडर नहीं लेगा।
इसी मामले को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सीबीईओ महोदया श्रीमती जयमाला खराड़ी, एसीबीओ श्री कल्पेश मीणा, आरपी श्री बलदेव दरंगा और आरपी श्री मनीष गरासिया ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने समस्त ग्रामवासियों के साथ बैठक कर विषय पर विचार-विमर्श किया। बैठक में समस्त ग्रामवासियों ने निर्माण कार्य में सभी की सहमति से ठेकेदार को सहयोग करने की बात कही। साथ ही ठेकेदार का सहयोग नहीं करने और दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पाबंद करने की मांग की। इस मौके पर कई ग्रामवासी भी मौजूद रहे।
इसी क्रम में राउमावि देमत का भी निरीक्षण किया गया। यह एक नव क्रमोन्नत विद्यालय है, जिसके उच्च माध्यमिक विद्यालय निर्माण कार्य का बजट राज्य सरकार द्वारा जारी होना बाकी है। वर्तमान में विद्यालय भवन में 6 कक्षा कक्ष हैं, जिनमें मात्र एक कक्ष जर्जर अवस्था में है और वह मरम्मत योग्य है। वर्तमान में दो कक्ष डीएमएफटी तथा एक कक्ष माननीय विधायक महोदय के कोटे से स्वीकृत है।
नयागांव फला विद्यालय भवन के मामले में अब 2026-27 में डीएमएफटी फंड से जारी 25 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया है। मौके पर हुई बैठक में ग्रामवासियों की ओर से ठेकेदार को सहयोग देने की सहमति के बाद निर्माण कार्य में पूर्व जैसी बाधा न आने की दिशा में स्थानीय स्तर पर सहमति बनी है।

Dharnendra Jain( Kherwara)
नाम: धरणेन्द्र जैन
वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)
कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें
अनुभव: 30 वर्ष से अधिक
परिचय
धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:
- वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
- उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
- वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
