नयागांव-खूंटवाड़ा क्षतिग्रस्त सड़क की बदहाली से भाणदा पंचायत के ग्रामीण परेशान
भाणदा पंचायत में मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत 30 लाख की लागत से बनी दो किलोमीटर लंबी सड़क ढाई साल में ही पूरी तरह टूट गई है।

भाणदा ग्राम पंचायत क्षेत्र में नयागांव से खूंटवाड़ा मार्ग पर लगा राजस्थान सरकार का सूचना बोर्ड और दूसरी ओर क्षतिग्रस्त हो चुकी डामर सड़क।
भाणदा ग्राम पंचायत क्षेत्र में नयागांव से खूंटवाड़ा तक जाने वाली लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सड़क का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से क्षेत्रवासियों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों और विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार नयागांव-खूंटवाड़ा मार्ग करीब 80 प्रतिशत तक टूट चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्सों में डामर के अवशेष तक दिखाई नहीं देते। खराब सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है, वहीं वाहन चालकों और राहगीरों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा घटिया सामग्री उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया है।
भाणदा पंचायत के उपसरपंच एवं खूंटवाड़ा निवासी चंदूलाल पटेल सहित ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण नवंबर 2023 में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से किया गया था। हालांकि निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की स्थिति बिगड़ने लगी और वर्तमान में यह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के रखरखाव की अवधि पांच वर्ष निर्धारित है, लेकिन निर्माण कार्य को अभी ढाई वर्ष भी पूर्ण नहीं हुए हैं और इसके बावजूद संबंधित निर्माण एजेंसी शारदा इंजीनियर्स, डूंगरपुर द्वारा किसी प्रकार का रखरखाव नहीं किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार बरसात के मौसम में हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। खराब सड़क के कारण विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। सड़क की मौजूदा स्थिति न केवल विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े गंभीर मुद्दे को भी उजागर कर रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
