खेरवाड़ा के नयागांव कस्बे में प्रशासनिक मुख्यालय होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। नयागांव, जो एसडीएम एवं तहसील मुख्यालय के रूप में अपनी पहचान रखता है, वहां के निवासी वर्तमान में नागरिक सुविधाओं के घोर अभाव से जूझ रहे हैं। इसी उपेक्षा और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर हाल ही में ग्रामीणों ने ग्राम सेवा शिविर के दौरान लामबंद होकर मोर्चा खोला।

घटनाक्रम के अनुसार, शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने वार्ड पंच मेना जैन और एसडीएमसी सदस्य गुणवंत जैन के नेतृत्व में शिविर प्रभारी एवं एसडीएम शिवन्या गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यालयों की उपस्थिति के बावजूद कस्बे को मूलभूत सेवाओं से वंचित रखा गया है, जिसके चलते आमजन, स्कूली विद्यार्थियों और व्यापारियों को दैनिक जीवन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने अपनी मांगों को विस्तार देते हुए बताया कि नयागांव बस स्टैंड पर लंबे समय से पेचवर्क का कार्य नहीं होने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के जर्जर भवन की तत्काल मरम्मत की मांग रखी। शिक्षा विभाग से संबंधित समस्याओं में महात्मा गांधी विद्यालय और सीनियर स्कूल के नवीन भवनों का निर्माण शीघ्र पूरा करने और पुराने जर्जर भवनों के स्थान पर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के मोर्चे पर भी ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए। पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी पुलिस चौकी को पुनः सुचारू करने के साथ-साथ सार्वजनिक श्मशान घाट की चारदीवारी का निर्माण, टूटी हुई नालियों की मरम्मत और कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने जैसी मांगें प्रमुखता से शामिल की गईं। इसके अलावा, कस्बे में रात्रि के समय सुरक्षा और सुविधा के लिए रोड लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग भी की गई।

शिविर प्रभारी एसडीएम शिवन्या गुप्ता ने ग्रामीणों की व्यथा को गंभीरतापूर्वक सुना और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कस्बे के निवासियों का मानना है कि प्रशासनिक केंद्र होने के नाते नयागांव को विकास की दौड़ में पिछड़ा रखना अब और अधिक स्वीकार्य नहीं है। इस ज्ञापन ने न केवल कस्बे की बदहाली को उजागर किया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन के समक्ष विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की एक बड़ी चुनौती भी पेश कर दी है।

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Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

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