प्राकृतिक खेती से किसान दंपति ने किया भिंडी का रिकॉर्ड उत्पादन
ग्राम टपाना में सीएमएफ संस्था के तकनीकी मार्गदर्शन में मात्र 400 वर्गमीटर क्षेत्र से हुई 32 हजार रुपये की आय।

तस्वीर में ग्राम टपाना की महिला किसान मनी देवी प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई भिंडी की फसल के साथ खेत में खड़ी नजर आ रही हैं।
प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों को अपनाकर ग्राम टपाना के किसान दंपति मनी देवी एवं प्रभुलाल ने सीमित क्षेत्र में उत्कृष्ट उत्पादन हासिल कर क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। सीएमएफ संस्था के तकनीकी मार्गदर्शन में दोनों किसानों ने मात्र 400 वर्गमीटर क्षेत्र में प्राकृतिक पद्धति से भिंडी की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
खेती के दौरान किसान दंपति ने बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, समय पर सिंचाई तथा नियमित निराई-गुड़ाई जैसी प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। इन उपायों से फसल का बेहतर विकास हुआ, पौधे स्वस्थ रहे तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त हुआ।
किसान दंपति ने 400 वर्गमीटर क्षेत्र से 825 किलोग्राम भिंडी का उत्पादन हासिल किया। इस उपज की बिक्री से उन्हें लगभग ₹32 हजार की आय हुई, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई और नियमित आय का बेहतर स्रोत विकसित हुआ। प्राकृतिक खेती अपनाने से रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर होने वाला खर्च भी कम हुआ। साथ ही मिट्टी की उर्वरता में सुधार, पर्यावरण संरक्षण तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जियों का उत्पादन भी संभव हुआ।
मनी देवी एवं प्रभुलाल की यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उनकी उपलब्धि से आसपास के किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह उदाहरण सिद्ध करता है कि उचित तकनीकी मार्गदर्शन तथा प्राकृतिक खेती की आधुनिक विधियों को अपनाकर छोटे क्षेत्र में भी बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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