मावली में गूँजा राष्ट्रवाद का स्वर: शिक्षकों ने लिया स्वामी विवेकानंद और नेताजी के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा मावली द्वारा विद्या निकेतन में 'कर्तव्य बोध दिवस' का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर आयोजित इस विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षकों से संस्कारित पीढ़ी के निर्माण और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर केंद्रित इस विस्तृत समाचार को यहाँ पढ़ें।

मावली (उदयपुर)। राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संस्कारित पीढ़ी का निर्माण करना ही शिक्षक का असली 'कर्तव्य बोध' है। इसी उदात्त भाव के साथ राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय (ABRSM) उपशाखा मावली 'अ' द्वारा सोमवार, 19 जनवरी को विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय में 'कर्तव्य बोध दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने राष्ट्रवाद और स्वदेशी के संकल्प को दोहराते हुए शिक्षकों को समाज के मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की गरिमामयी अध्यक्षता उपशाखा अध्यक्ष शंकरलाल जाट लदाना ने की। विचार गोष्ठी का शुभारंभ माँ भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद उपशाखा मंत्री भूपेन्द्र कुमार पाठक और कोषाध्यक्ष सोहनलाल जाट ने पधारे हुए अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। मुख्य वक्ता के रूप में संगठन मंत्री व उप प्राचार्य पुष्करलाल बड़गुर्जर, जिला कार्यकारिणी सदस्य सुधीर कुमार शर्मा एवं प्रहलाद बड़गुर्जर ने अपने ओजस्वी विचारों से सभागार में ऊर्जा भर दी। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपाध्यक्ष (माध्यमिक) चन्द्रशेखर चौधरी, प्राथमिक शिक्षा उपाध्यक्ष योगेश जैन और उपशाखा सभाध्यक्ष शंकरलाल जाट मावली ने शिरकत की।
गोष्ठी के मुख्य वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक राष्ट्रवाद और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के अदम्य साहस का वृत्तांत सुनाते हुए उपस्थित शिक्षकों को उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने पर बल दिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में राष्ट्र के प्रति समर्पण, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग, कुटुम्ब प्रबोधन और संस्कारों का बीजारोपण करना ही समय की मांग है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही वह धुरी है जो आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति के संस्कार सिंचित कर सकता है। इस अवसर पर उपशाखा उपसभाध्यक्ष प्रकाशपुरी गोस्वामी, हरीश दाधीच, वरिष्ठ कार्यकर्ता विजेश पालीवाल, शंकरलाल जाट सालेरा, ब्लॉक साक्षरता समन्वयक शंकरलाल जाट, रमेश थोरी, अनिल बदनका, सुनील गौतम, आयुष तिवारी, कैलाश चन्द्र जाट, शंकरलाल, जगवीर सिंह और सोनू कुमार चौधरी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन भूपेन्द्र कुमार पाठक द्वारा किया गया, जबकि अंत में जिला उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए गोष्ठी का समापन किया। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक संगोष्ठी थी, बल्कि इसने मावली के शिक्षक समुदाय में अपने कर्तव्यों के प्रति एक नई चेतना और राष्ट्र सेवा का अटूट संकल्प जागृत किया।

Pratahkal Bureau
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