फतहनगर। नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑफ द भारत द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास एवं सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित ‘नेशनल यूथ असेंबली-2026’ का आयोजन 25 मई को गूगल मीट के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें विकसित भारत-2047, पर्यावरण संरक्षण एवं गौ संरक्षण पर गहन विमर्श किया गया। कार्यक्रम के आयोजक एवं सीईओ डॉ. ललित नारायण आमेटा ने बताया कि इस ऑनलाइन महाकुंभ के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. श्याम लाल पालीवाल (पिपलांत्री, राजसमंद) रहे, जिन्होंने कार्बन क्रेडिट एवं पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और उससे मिलने वाले सरकारी लाभों पर महत्वपूर्ण प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दैनिक राजस्थान दर्पण के प्रधान संपादक एवं नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑफ द भारत के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राकेश वशिष्ठ तथा 1514 वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक अणुव्रतसेवी प्रो. डॉ. ललिता बी. जोगड़ (मुंबई) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य वक्ता पारिस्थितिकी वैज्ञानिक डॉ. सुनील दुबे (उदयपुर) ने भारतीय प्रजातियों के पौधों के संरक्षण और रोपण का संदेश दिया, जबकि इंजीनियर कोमल पालीवाल (नाथद्वारा) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. मोनिका रघुवंशी (बीकानेर) द्वारा किया गया।

ई-काव्य गोष्ठी में देश भर से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रजनी शर्मा (धौलपुर), डॉ. पारुल जैन (सीकर), कवयित्री ध्वनि आमेटा (डूंगरपुर) एवं लाजवंती छतवानी (चित्तौड़गढ़) सहित अन्य प्रतिभागियों ने पर्यावरण, गौ संरक्षण एवं वर्तमान भीषण गर्मी के संदर्भ में प्रेरणादायक काव्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने देर रात तक जुड़कर विकसित भारत-2047, डिजिटल हरित क्रांति-2026 और कार्बन क्रेडिट जैसे विषयों पर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। साथ ही, जुलाई माह में प्रस्तावित ‘महाराणा प्रताप राष्ट्रीय सम्मान समारोह-2026’ के आयोजन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।

राष्ट्रीय ई-काव्य संगोष्ठी में भाग लेने वाले 35 प्रतिभागियों में से डॉ. मनीषा (चित्तौड़गढ़), कमलेश सुथार (मावली, उदयपुर), भीखाराम (शेरगढ़, जोधपुर), पुष्पा डागिया (अजमेर), ध्वनि आमेटा (डूंगरपुर), प्रीति रेगर (भीम, राजसमंद) एवं भुवनेश्वरी मालोत (बांसवाड़ा) को श्रेष्ठ चयनित किया गया, जिन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन की आधिकारिक घोषणा अणुव्रतसेवी प्रो. डॉ. ललिता बी. जोगड़ द्वारा की गई। यह आयोजन न केवल युवाओं को प्रेरित करने में सफल रहा, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य और प्रकृति संरक्षण के प्रति एक सशक्त चेतना का संचार भी किया।

Pratahkal Newsroom

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