नाथद्वारा: भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्रीकृष्ण की लीलाओं का हुआ सजीव वर्णन
कथा व्यास श्री ललितशरण जी शास्त्री ने पूतना वध और माखन चोरी समेत कई प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति का महत्व समझाया।

नाथद्वारा। नगर की भंडारी वाटिका में श्रीजी भागवत कथा आयोजन समिति द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा व्यास श्री ललितशरण जी शास्त्री ने अपनी सुमधुर वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सजीव एवं मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आयोजन के दौरान जब 'लाला की पैजनिया बाजे रे, कान्हा की पैजनिया बाजे रे...' भजन की धुन गूंजी, तो पूरा पाण्डाल भक्ति भाव से सराबोर हो गया। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भजनों की लय पर झूमते और गाते नजर आए। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के पश्चात पूतना वध, ताड़कासुर वध, माखन चोरी तथा कालिया नाग मर्दन जैसी दिव्य लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने इंद्र के अहंकार के मर्दन और गिरिराज पूजन के पावन प्रसंगों को भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ पाण्डाल को भक्तिमय बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक चेतना का संचार कर रहा है, बल्कि लोक संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति जनमानस की अटूट आस्था को भी प्रदर्शित कर रहा है।

