नाथद्वारा। प्रभु श्रीनाथजी की पावन नगरी नाथद्वारा वर्तमान में भीषण पेयजल संकट और बिजली कटौती से जूझ रही है। शहर के आधे से अधिक वार्डों में पानी की किल्लत से जनता का हाल बेहाल है, लेकिन समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस राहत नहीं मिल पा रही है। जन आक्रोश के बीच, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को इमली चौक स्थित सहायक अभियंता कार्यालय पहुंचा और संबंधित अभियंता के साथ विस्तृत चर्चा की।

नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश एम जोशी के नेतृत्व में जिला महिला अध्यक्षा मनोरमा डाबी, नगर महिला अध्यक्ष प्रतिभा सनाढ्य, महेश सनाढ्य, कमलेश कॉमरेड और विशाल उपाध्याय ने विभाग को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। दिनेश एम जोशी ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो कांग्रेस आमजन को साथ लेकर विभाग के कार्यालय के बाहर उग्र विरोध प्रदर्शन करने के लिए विवश होगी।

कांग्रेस नेताओं ने पूर्ववर्ती सरकारों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि मोहनलाल सुखाड़िया से लेकर वर्तमान भागीरथ विकास पुरुष डॉ. सीपी जोशी के प्रयासों से ही नंदसमंद, चिकलवास, बाधेरी और नमाणा बांध का निर्माण संभव हुआ है। इन प्रयासों के तहत प्रत्येक गांव और ढाणी को पाइप लाइन से जोड़ने के साथ ही, शहर में 106 करोड़ रुपये की लागत से '24 घंटे पेयजल आपूर्ति' की योजना क्रियान्वित की गई, जिसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जोशी का आरोप है कि यह योजना केवल इसलिए लंबित है क्योंकि वर्तमान सरकार इसका विद्युत कनेक्शन लेने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार सत्तापक्ष के प्रभाव में आकर कांग्रेस शासनकाल और डॉ. सीपी जोशी द्वारा प्रदत्त इस जनहितैषी योजना को जानबूझकर शुरू नहीं कर रही है, जिसका खामियाजा भीषण गर्मी में जनता को भुगतना पड़ रहा है।

दूसरी ओर, शहर के जल स्रोतों की स्थिति पर गौर करें तो नंदसमंद बांध में अभी भी लगभग 18 फीट जल भंडार उपलब्ध है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान नवीन टंकियों के निर्माण और पंप हाउस की 30 वर्ष पुरानी मशीनरी को बदलने के बावजूद, सुखाड़िया नगर, मीरा नगर, वार्ड-26 और लाल बाग जैसे वीआईपी क्षेत्रों में कम दबाव से आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। इन समस्याओं पर विभाग के अधिकारियों का बयान अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि टंकियां पुरानी होने और गर्मी के कारण बढ़ी खपत के चलते दबाव में कमी आई है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विभाग के जेईएन के साथ समस्या के हर पहलू पर गहन विमर्श किया।

Pratahkal HQ

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