झूंथरी के सोमनाथ महादेव मंदिर में नानी बाई का मायरा कथा का आयोजन
चार दिवसीय संगीतमय कथा के दूसरे दिन कथाव्यास तिलकेश जोशी ने नरसी मेहता की कृष्ण भक्ति और श्यामलदास के विवाह प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया।

ग्राम झूंथरी के श्री सोमनाथ महादेव मंदिर में आयोजित चार दिवसीय नानी बाई का मायरा कार्यक्रम के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते कथाव्यास तिलकेश जोशी।
ग्राम झूंथरी स्थित श्री सोमनाथ महादेव मंदिर में आयोजित चार दिवसीय संगीतमय “नानी बाई का मायरा” कथा के दूसरे दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया और पूरे वातावरण में भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित होती रही।
कथा व्यास तिलकेश जोशी ने अपने मधुर, ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके परम भक्त नरसी मेहता के अटूट प्रेम, समर्पण और भक्ति का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भक्त नरसी मेहता की निष्कलंक भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं ठाकुरजी ने उन्हें राग केदार का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था, जिससे उनकी भक्ति और अधिक दृढ़ तथा गहन हो गई। इस प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
दूसरे दिन की कथा में नरसी मेहता के पुत्र श्यामलदास के विवाह प्रसंग का भी अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक ने विवाह से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और भगवान की कृपा का सजीव चित्रण करते हुए बताया कि सच्चे भक्तों के जीवन में प्रभु सदैव उनके साथ रहते हैं और प्रत्येक कठिनाई में उनका मार्गदर्शन करते हैं। कथा के इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की।
कथा के दौरान सप्त निधि ठाकुर में श्री राधा मदन मोहन जी के दिव्य स्वरूप के प्राकट्य का भी उल्लेख किया गया। वहीं भक्त शिरोमणि मीरा बाई के जीवन चरित्र, उनकी कृष्ण भक्ति, त्याग, समर्पण तथा चमत्कारिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। मीरा बाई के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास, प्रेम और पूर्ण समर्पण का संदेश दिया।
आयोजन के प्रवक्ता राधे श्याम व्यास ने बताया कि कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भजनों और संकीर्तन के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा तथा श्रद्धालु देर रात तक कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करते रहे। कथा में हितेश विप्र, चन्दन, चिराग सेवक एवं मोक्ष सोमपुरा गन्धर्व स्वरूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान व्यास पीठ का पूजन एवं संपूर्ण संचालन आयोजन समिति के घनश्याम जी जोशी द्वारा किया गया।
चार दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक चेतना और भक्ति भाव को नई ऊर्जा प्रदान की है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों की कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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