खेरवाड़ा के जवास गांव में मुस्लिम समुदाय ने मनाया मोहर्रम
जवास गांव में मोहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की गई।

खेरवाड़ा के जवास गांव में मोहर्रम के जुलूस के दौरान लोग ताजिए के साथ नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के जवास गांव में मुस्लिम समाज ने मोहर्रम का पर्व पूर्ण अकीदत, श्रद्धा एवं एहतराम के साथ मनाया। इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में अल्लाह मस्जिद, जवास में लगातार नौ दिनों तक महफिल-ए-मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। धार्मिक मजलिस में पेश इमाम अब्दुल कय्यूम एवं नायब इमाम लुकमान साहब ने कर्बला के ऐतिहासिक वाकये पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इमाम हुसैन की शहादत और इस्लाम की रक्षा के लिए उनके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान का उल्लेख किया। उन्होंने उपस्थित समुदाय को सत्य, इंसाफ और मानवता के मार्ग पर निरंतर चलने का संदेश दिया।
नौ दिवसीय महफिल के समापन के उपरांत मुस्लिम समाज द्वारा पारंपरिक मार्गों से मोहर्रम (ताजिये) का भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पूर्ण अनुशासन, श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में, पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए ताजियों को जवास नदी में अदब के साथ ठंडा किया गया। जुलूस मार्ग पर श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर छबील (शरबत) की व्यवस्था की गई थी। इस क्रम में गरीब नवाज कमेटी, जवास द्वारा बडले चौराहे पर विशेष सबील लगाकर राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को शरबत वितरित किया गया। मीडिया प्रभारी मोहम्मद ज़ाहिद ने बताया कि पूरे आयोजन के दौरान कौमी एकता, भाईचारे और शांति का उत्कृष्ट वातावरण परिलक्षित हुआ। इस आयोजन को सफल बनाने में मुस्लिम समाज सहित सभी ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग रहा।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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