ग्रीन कैंपस की दिशा में बड़ा कदम: सुखाड़िया विश्वविद्यालय और ग्रीन पीपल सोसायटी ने मिलाया हाथ, उदयपुर में हरित भविष्य की नई पहल
उदयपुर में सुखाड़िया विश्वविद्यालय और ग्रीन पीपल सोसायटी के बीच ग्रीन कैंपस को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। पौधारोपण और कार्बन क्रेडिट परियोजना पर चर्चा ने भविष्य की हरित योजना को नया मोड़ दिया, जानिए पूरी रणनीति।

उदयपुर में सुखाड़िया विश्वविद्यालय के ग्रीन कैंपस प्रस्ताव पर चर्चा करते कुलसचिव वी.सी. गर्ग, श्री राहुल भटनागर, श्री विक्रम सिंह, प्रो. शरद श्रीवास्तव और कुलगुरु प्रो. के.सी. डागा (बाएं से दाएं)।
उदयपुर में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है, जहां मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय और ग्रीन पीपल सोसायटी (GPS) ने मिलकर विश्वविद्यालय परिसर को एक आदर्श ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में विकसित करने की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. के.सी. डागा की उपस्थिति में आयोजित हुई, जिसमें परिसर को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के विभिन्न प्रस्तावों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान ग्रीन पीपल सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर में विशेष पौधारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा। इस अभियान के तहत ऐसी पौध प्रजातियों का चयन किया जाएगा जो पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में सहायक होंगी। सोसायटी ने इस अभियान में सक्रिय सहयोग का आश्वासन भी दिया, जिससे इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।
सोसायटी ने अपनी दीर्घकालिक पर्यावरणीय योजना भी बैठक में प्रस्तुत की, जिसके तहत विश्वविद्यालय परिसर के उपयुक्त क्षेत्रों में आगामी तीन से पांच वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना ही नहीं, बल्कि कार्बन क्रेडिट सृजन (Carbon Credit Generation) की दिशा में एक प्रभावी मॉडल विकसित करना भी है, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सके।
कुलगुरु प्रो. के.सी. डागा ने विश्वविद्यालय की अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक पर्यावरणीय योजनाओं में ग्रीन पीपल सोसायटी के साथ साझेदारी को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित विश्वविद्यालय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों और भूमि खंडों की पहचान की जाए, जहां बड़े पैमाने पर पौधारोपण और हरित विकास कार्य प्रभावी रूप से किए जा सकें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष श्री राहुल भटनागर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री विक्रम सिंह तथा प्रो. शरद श्रीवास्तव उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव (रजिस्ट्रार) श्री वी.सी. गर्ग भी बैठक में शामिल हुए।
दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, हरित विकास और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह पहल न केवल विश्वविद्यालय परिसर को हरित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि उदयपुर को एक मॉडल ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।

Vikas Chawada (Udaipur)
नाम: विकास चावड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)
कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)
अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय
बीट और मुख्य विषय
- स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
- राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
- जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
हायर सेकेंडरी
