मेवलिया प्रजापति समाज मेवाड़ चौखला की वार्षिक बैठक और चुनाव 30 मई को
घासा में आयोजित बैठक में श्रीयादे मंदिर निर्माण हेतु भामाशाहों ने की घोषणा, 30 मई को चुनी जाएगी मेवाड़ चौखला की नवीन कार्यकारिणी।

उदयपुर के घासा में आयोजित मेवलिया प्रजापति समाज मेवाड़ चौखला की मासिक बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारी और समाजजन।
उदयपुर। मेवलिया प्रजापति समाज मेवाड़ चौखला की एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक रविवार, 3 मई 2026 को घासा में संपन्न हुई, जिसमें समाज के विकास और मंदिर निर्माण को लेकर दूरगामी निर्णय लिए गए। मेवाड़ चौखला के महामंत्री डीसी प्रजापत (बिठौली) ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक की अध्यक्षता मांगीलाल इंटाली ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में गणेश लाल प्रजापत (घासा) उपस्थित रहे। इस दौरान अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मेवाड़ चौखला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उदयलाल खेड़ी एवं प्रेमलाल माल की टूस ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
बैठक का मुख्य केंद्र रख्यावल श्रीयादे मंदिर निर्माण को पूर्ण करना रहा, जिसके लिए उपस्थित भामाशाहों ने उत्साहपूर्वक आगे आकर बड़ी आर्थिक घोषणाएं कीं। समाज के इस पुनीत कार्य में सहयोग की प्रतिबद्धता के साथ-साथ संगठन की मजबूती पर भी विशेष बल दिया गया। महामंत्री डीसी प्रजापत ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि मेवाड़ चौखले की आगामी वार्षिक बैठक एवं नवीन कार्यकारिणी का चुनाव 30 मई 2026, शनिवार को सायंकाल 6 बजे आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया हेतु बैठक में ही विधिवत पत्रों का वितरण कर दिया गया है। समाज सुधार की दिशा में सकारात्मक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं ताकि आगामी चुनाव के माध्यम से एक सशक्त नेतृत्व का चयन किया जा सके। बैठक के अंत में भामाशाह दीपचंद प्रजापत (घासा) की ओर से आयोजित स्नेहभोज में सभी सदस्यों ने भाग लिया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि दलाजी इंटाली, देवीलाल, गंगाराम सराय, शंकर लाल बागतल, वालु नऊवा, मांगीलाल सांगवा, सोहनलाल सराय, मांगीलाल शीशवी, पन्नालाल, मदनलाल भटेवर, कोषाध्यक्ष रामलाल, भगवानलाल, दरौली, रामलाल, मांगीलाल घासा, नाथूलाल, लक्ष्मीलाल खेड़ी, ख्यालीलाल बिछड़ी, लोगरलाल सांगवा, हीरालाल मोडी, बाबूलाल धौलीमग़री, मदनलाल, भगवानलाल साकरोदा, रतनलाल भेड़ा, रामलाल बागथल, रोशनलाल नवनिया, सोहनलाल बिठौली, उदयलाल एवं नौवा सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह बैठक न केवल मंदिर निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने वाली रही, बल्कि 30 मई को होने वाले चुनावी शंखनाद ने सामाजिक एकता और नई ऊर्जा का संचार भी किया है।

