विश्व पर्यावरण दिवस: रामसर स्थल मेनार के दुदेला तालाब पर जागरूकता कार्यक्रम
खेरोदा के दुदेला तालाब पर WWF इंडिया और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पौधारोपण, क्लॉथ आर्ट प्रदर्शन और पक्षी अवलोकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदयपुर के रामसर स्थल मेनार के अंतर्गत आने वाले खेरोदा के दुदेला तालाब किनारे बैनर लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते वन विभाग के अधिकारी, ग्रामीण और रेड डायमंड सोसाइटी के विद्यार्थी।
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर आज रामसर स्थल मेनार के अंतर्गत आने वाले खेरोदा के ऐतिहासिक दुदेला तालाब पर जल, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए विविध और भव्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया (WWF India), राजस्थान वन विभाग उदयपुर उत्तर, तथा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय खेरोदा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम ने जन-जन को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया। डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के स्टेट कॉर्डिनेटर अरुण सोनी ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मेनार रामसर स्थल में सम्मिलित खेरोदा के दुदेला तालाब पर स्थानीय ग्रामवासियों और रेड डायमंड सोसाइटी के उत्साही विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग से सशक्त जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण तंत्र को अक्षुण्ण बनाए रखना है।
स्थानीय पर्यावरणविद दर्शन मेनारिया के तकनीकी मार्गदर्शन में आयोजित प्रथम सत्र के दौरान जलाशय के किनारे पक्षियों के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के उद्देश्य से अनार और शहतूत जैसे बहुउपयोगी फलदार वृक्षों का सघन रोपण किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इस अवसर पर बाबू लाल प्रजापत, वन विभाग के रेंजर कैलाश मेनारिया, वनरक्षक राजेंद्र सिंह, वल्लभनगर के प्रधान देवी लाल, पूर्व पंचायत समिति सदस्य भेरू लाल पाराशर, अनिल बडाला, डुले सिंह राठौड़, शिक्षक राधाकिशन रेगर, नवीन भट्ट, केसरी मल मेनारिया, गोवर्धन सेन, निखिल मेनारिया सहित स्थानीय मनरेगा श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संवर्धन की इस मुहिम को गति प्रदान की।
इस बहुआयामी कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में रचनात्मकता और पर्यावरण का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब शिक्षिका विद्या मेनारिया ने क्लॉथ आर्ट (वस्त्र चित्रकारी) के माध्यम से एक बेहद मर्मस्पर्शी और प्रभावी संदेश दिया। उन्होंने पूर्णतः प्राकृतिक रंगों का कुशलता से उपयोग करते हुए अपने हाथों से रामसर स्थल मेनार की जीवंत छवि और विश्व पर्यावरण दिवस की आधिकारिक थीम 'प्रकृति से प्रेरित जलवायु के लिए भविष्य के लिये' को कपड़े पर उकेरा, जो वहां उपस्थित जनसमुदाय के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
दिन के अंतिम और तृतीय सत्र में प्रकृति को करीब से जानने के लिए विशेष पक्षी अवलोकन गतिविधि और ज्ञानवर्धक पिक्चर कार्ड क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस बौद्धिक प्रतियोगिता में स्थानीय विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गुनगुन व्यास, श्रेयांश जणवा, तरुण मेनारिया और हितांश सेन विजेता घोषित हुए। इन सभी विजेता प्रतिभागियों को डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया की ओर से विशेष पारितोषिक प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया, वहीं क्लॉथ आर्ट के माध्यम से कलात्मक जागृति फैलाने के लिए शिक्षिका विद्या मेनारिया को भी मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान रेड डायमंड सोसाइटी द्वारा सभी कर्मठ मनरेगा श्रमिकों एवं विद्यार्थियों के लिए अल्पाहार की समुचित व्यवस्था की गई। यह संपूर्ण आयोजन न केवल रामसर स्थल के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ, बल्कि इसने भावी पीढ़ी को प्रकृति और वन्यजीवों के सह-अस्तित्व का एक अमूल्य पाठ भी पढ़ाया।

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