मेनार के 28वें अम्बामाताजी मेले में पहले दिन फीकी रही रौनक, 700 प्लॉट आवंटित
मेहतागढ़ मेनार में 28वें श्री अम्बामाताजी आमजन एवं पशु मेले का भव्य शुभारंभ हुआ है। 9 नवंबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय आयोजन में 700 से अधिक प्लॉट आवंटित किए गए हैं।

मेनार के अम्बामाताजी मेले के परिसर में दुकान और झूलों के सामने युवक खड़े दिखाई दे रहे हैं।
खेरोदा/मेनार। मेहतागढ़ मेनार स्थित हिरोला की छापर में आयोजित 28वें श्री अम्बामाताजी आमजन एवं पशु मेले का आगाज हो गया है। हालांकि, मेले के पहले दिन मेलार्थियों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहने से परिसर में रौनक फीकी नजर आई, लेकिन दुकानदारों की तैयारियों और व्यापारियों के उत्साह ने आगामी दिनों में मेले के गुलजार होने के संकेत दिए हैं। व्यापारी अपनी दुकानों में सामान जमाने, सजावट करने और अन्य व्यवस्थाएं व्यवस्थित करने में जुटे रहे। मावली मेले से भी व्यापारियों के मेनार पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
मेले में चकरी, डोलर, ड्रैगन डोलर, सर्कस, खानपान, ऊनी वस्त्र, खिलौनों और पशु श्रृंगार से जुड़ी दुकानों ने आकार लेना शुरू कर दिया है। पशुओं की आवक भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। पहले दिन मेलार्थियों की संख्या कम रहने के बावजूद रात्रि में आयोजित विशाल भजन संध्या ने पूरे मेले के माहौल को भक्तिमय बना दिया।
भजन संध्या में स्थानीय भजन गायक भरत जोशी मेनार ने मां अम्बे की आराधना में एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उनकी सुमधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और श्रद्धालु देर रात तक भजनों पर झूमते रहे। वहीं, गोपाल गाडरी ग्रुप की ओर से आकर्षक धार्मिक झांकियों की प्रस्तुतियां दी गईं। दुर्गा साउंड की साउंड व्यवस्था ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ाई।
मेले के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर ग्राम पंचायत की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। सचिव रामदीन मीणा, प्रभुलाल यादव एवं सरपंच सुमित्रा देवी सांगावत ने बताया कि अब तक 700 से अधिक प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं। मेलार्थियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही पशुओं के टीकाकरण एवं चिकित्सा, बिजली, पेयजल, छाया और वाहन पार्किंग सहित आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। नौ दिवसीय यह मेला 9 नवंबर तक आयोजित होगा।
मेले की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने में ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय सहयोगियों की सक्रिय भूमिका है। नवनिर्वाचित सरपंच सुमित्रा देवी सांगावत एवं प्रतिनिधि रमेश सांगावत, वार्ड पंच कविता देवी मेनारिया एवं प्रतिनिधि लोकेश मेनारिया ने मेले की व्यवस्थाओं और ग्रामीण सहभागिता से जुड़े दायित्वों में सक्रियता दिखाई।
वार्ड पंच केलाश देवी सुथार एवं प्रतिनिधि हीरालाल सुथार ने आयोजन के प्रचार-प्रसार, सूचना समन्वय और व्यवस्थाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग किया। वहीं, वार्ड पंच निमतलाल रूपावत, नरेश, किशन एवं धनलाल मानावत ने स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं के समन्वय में सहभागिता निभाई।
उपसरपंच संजय लच्छीरामोत, वार्ड पंच अभिषेक मेरावत एवं दीपक वैष्णव ने आयोजन से जुड़ी सहयोगात्मक गतिविधियों में भागीदारी निभाई। वार्ड पंच रेखा भानावत, कंचन दियावत, संगिता एवं मीना लुणावत ने महिला सहभागिता और सहयोग के माध्यम से मेले की व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभाई। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से मेले को सफल एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पहले दिन अपेक्षित भीड़ नहीं उमड़ने के बावजूद दुकानों की सजावट, झूलों की तैयारियों, व्यापारियों की बढ़ती मौजूदगी और पशुओं की आवक से मेले की गतिविधियां गति पकड़ रही हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मेनार का यह पारंपरिक पशु मेला पूरे शबाब पर नजर आएगा।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
