मावली में पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
ग्रेड पे 3600, पृथक जॉब चार्ट और कैडर रिव्यू जैसी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर कर्मचारी संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

मावली उपखंड कार्यालय में जून 2026 को राजस्थान राज्य पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों द्वारा लंबित मांगों के निस्तारण हेतु उपखंड अधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए।
। राजस्थान राज्य पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन उपशाखा मावली के तत्वावधान में अपनी लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। क्षेत्र के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने एकजुट होकर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) एवं विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी चिरलंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की पुरजोर वकालत की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन की राह अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
कर्मचारी संगठन द्वारा प्रस्तुत इस मांग पत्र में कई गंभीर और बुनियादी प्रशासनिक सुधारों को शामिल किया गया है। संगठन की प्रमुख मांगों में एक पृथक जॉब चार्ट लागू करना, कैडर रिव्यू की प्रक्रिया को पूर्ण करना तथा उत्तराखंड पैटर्न को राज्य में भी लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने अंतर जिला स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करने, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करने तथा ग्रेड पे 3600 लागू करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें पुरजोर तरीके से उठाई हैं। इन मांगों को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त है, जो अब चेतावनी के रूप में सामने आया है।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मावली ब्लॉक अध्यक्ष राजेश आमेटा, ब्लॉक उपाध्यक्ष यशवंत जाट तथा महामंत्री तनुजा विजयवर्गीय ने अग्रिम भूमिका निभाई। इनके साथ ही संगठन की शक्ति प्रदर्शन में हितेश शर्मा, संग्राम सिंह झाला, मैगसिंह चुंडावत, कुलदीप सिंह चौहान, महेंद्र सालवी, संजय टेलर, हरीश शर्मा, नारायण लाल गाडरी, भवानी शंकर मेघवाल, मनोज जाट, रफीक अहमद, दमयंती जटिया, गोवर्धन लाल गमेती, लक्ष्मी जाट एवं अन्य अनेक मंत्रालयिक कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कर्मचारियों की यह एकजुटता और स्पष्ट चेतावनी शासन-प्रशासन के लिए एक बड़ा संकेत है कि यदि समय रहते इन नीतिगत मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पंचायती राज व्यवस्था का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
