मावली, उदयपुर। मावली उपखण्ड क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट, बालिकाओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों के बढ़ते आतंक को लेकर सोमवार को ग्रामवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) मावली को एक ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका क्षेत्र की जर्जर व्यवस्थाओं और प्रशासन की अनदेखी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रार्थीगण लोकेश गमेती एवं विद गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर जनसमस्याओं का अतिशीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो क्षेत्र में जन-असंतोष और अधिक बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति की भयावह स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि मावली नगर पालिका क्षेत्र में वर्तमान में नलों की सप्लाई मात्र 25-30 मिनट तक सिमट गई है, जबकि पूर्व में यह अवधि एक घंटा हुआ करती थी। इस कटौती का मुख्य कारण जल आपूर्ति विभाग की भारी लापरवाही है। जलदाय कर्मियों से पूछताछ और मौके के मुआयने में यह तथ्य सामने आया कि पानी की टंकियां भरने के लिए निर्धारित कुल 5 मोटरों में से 2 मोटरें पिछले तीन माह से खराब पड़ी हैं, जबकि एक अन्य मोटर बीते 15 दिनों से बंद है। इस तकनीकी विफलता के कारण टंकियां पूरी नहीं भर पा रही हैं। इससे भी अधिक विचलित करने वाली स्थिति यह है कि पेयजल टंकियों में कीड़े पड़ चुके हैं, जिससे महामारी फैलने और गंभीर बीमारियों की आशंका प्रबल हो गई है। ग्रामीणों ने एसडीएम से स्वयं मौका मुआयना कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त न्यायिक कार्यवाही करने और टंकियों की सफाई सुनिश्चित कर पुनः एक घंटे की नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।

शिक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर भी ग्रामीणों ने प्रशासन को आईना दिखाया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मावली गांव में स्थित बालिका विद्यालय का मुख्य मार्ग पुलिस चौकी के पास से गुजरता है, जहां बैरियर नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। बालिकाओं के निरंतर आवागमन वाले इस मार्ग पर सुरक्षा मानकों का अभाव किसी भी समय बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकता है। ग्रामीणों ने नियमानुसार इस मार्ग पर तत्काल बैरियर लगवाने की मांग की है ताकि छात्राओं और आमजन का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, कस्बे में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और तेज रफ्तार वाहनों के आतंक पर भी गहरी चिंता जताई गई है। असामाजिक तत्वों द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर कान फाड़ आवाज निकालने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 'पटाखे' फोड़ने की आवाजें करने से आमजन में भय का वातावरण है। विशेषकर रात्रि के समय इन उपद्रवियों की सक्रियता अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने पुलिस थाना मावली को ऐसे वाहनों को तत्काल जब्त करने के आदेश देने की पुरजोर मांग की है ताकि क्षेत्र का सौहार्द बना रहे।

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