मावली ग्राम पंचायत को पूर्व चतुर्थ श्रेणी की नगर पालिका बनाने की 17 जुलाई 2023 को अधिसूचना जारी की थी, जिसके विरोध में ग्राम वासियों ने शनिवार को मावली के तहसील रोड़ लिमडिया जी बावजी मन्दिर पर सायं 4 बजे बैठक रखी है।

चुनावी लाभ और नियमों की अनदेखी का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि आनन फानन में बिना किसी तथ्यों एवं जानकारी के प्रदेश में कई ग्राम पंचायत को नगर पालिका बनाई थी। जिसमें मावली ग्राम पंचायत को भी चुनावी लाभ लेने हेतु बिना किसी ठोस आधारो एवं नगर पालिका के नियमों से परे जाकर मावली को नगर पालिका घोषित की थी। "किंतु तत्कालीन सरकार ने अधिकारियों एवं कर्मचारीयों की नियुक्ति भी नहीं की थी वर्तमान में चार कर्मचारी कार्यरत है उनके पास भी अतिरिक्त प्रभार है।"

ग्रामीण परिवेश और आर्थिक चुनौतियां

मावली पूर्ण रूप से ग्रामीण परिवेश एवं मध्यम वर्ग व अत्यधिक गरीब तबके के लोग निवासरत हैं, जहाँ सबसे अधिक आबादी अनुसूचित जाति की है जो की गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हैं।

जब से नगर पालिका बनी तब से बिजली के बिल में भारी वृद्धि हो गई है। "गरीब एवं अनपढ़ लोगों को मकान बनाने की निर्माण स्वीकृति एवं नक्शा पेश करने एवं स्वीकृत नक्शे अनुसार भवन निर्माण करने में भी काफी परेशानियां सामना करना पड़ रहा है।" इन्ही समस्याओं को देखते हुए अब ग्रामीण मावली नगरपालिका को निरस्त कर पुनः ग्राम पंचायत बनाने को लेकर लामबंद हो रहे हैं।

Pratahkal Bureau

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