मावली में 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' का शंखनाद: प्रशासनिक अमले ने घर-घर पहुंचाई सरकारी योजनाओं की अलख
मावली के पलानखुर्द और महुड़ा में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' ने बदली प्रशासनिक तस्वीर। राजस्व विवादों के त्वरित समाधान और पशुपालकों को मिली राहत ने ग्रामीणों में जगाई नई उम्मीद, जानिए कैसे घर-घर तक पहुँच रही है सरकारी योजनाओं की रोशनी।

मावली उपखण्ड अधिकारी रमेश सीरवी पुनाड़िया और अन्य विभागीय अधिकारियों ने पलानखुर्द व महुड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में आमजन की समस्याओं का निस्तारण किया।
मावली उपखण्ड क्षेत्र में शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 12 जून 2026 से शुरू हुए 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' ने अब गति पकड़ ली है। इसी क्रम में आज 19 जून 2026 को ग्राम पंचायत पलानखुर्द एवं महुड़ा में आयोजित विशेष शिविरों ने एक नई मिसाल पेश की। शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रशासनिक सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना रहा। इन शिविरों के माध्यम से एक ओर जहाँ लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया गया, वहीं दूसरी ओर पशुपालकों और किसानों के चेहरों पर संतोष की लकीरें देखने को मिलीं।
शिविरों का संचालन करते हुए उपखण्ड अधिकारी रमेश सीरवी पुनाड़िया ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को इनका सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो। तहसीलदार घासा राधेश्याम जोशी और विकास अधिकारी शैलेन्द्र पी. खींची की उपस्थिति में राजस्व संबंधी कार्यों ने विशेष प्राथमिकता प्राप्त की। शिविर के दौरान 'ई-धरती' पोर्टल के माध्यम से 25 नामांतरणों को सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया, वहीं आपसी सहमति के आधार पर तीन जटिल राजस्व प्रकरणों का समाधान निकाला गया। इसके अतिरिक्त 22 राजस्व अभिलेखों व खातों का शुद्धिकरण कर किसानों को बड़ी राहत दी गई और वर्षों से लंबित पड़े पांच रास्तों के विवादों का भी मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
प्रशासनिक दक्षता का यह प्रदर्शन केवल राजस्व विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिविर में पशुपालन विभाग की सक्रियता भी चर्चा का विषय रही। शिविर के दौरान कुल 48 पशुपालकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जगी है। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति और उनके द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी ने ग्रामीणों में विश्वास का संचार किया।
समापन की ओर बढ़ते हुए इन शिविरों की महत्ता इस बात से स्पष्ट होती है कि सरकारी मशीनरी स्वयं चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुँची है। प्रशासनिक अमले की इस त्वरित कार्यप्रणाली ने न केवल लंबित प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाई है, बल्कि शासन और जनसामान्य के बीच के फासले को भी पाटने का कार्य किया है। निश्चित रूप से, 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' का यह आयोजन मावली क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
