मावली स्थित न्यायालय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण) ने प्रकरण – नरेश जोशी बनाम पप्पु लाल गुर्जर में एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए चेक अनादरण जैसे आर्थिक अपराध पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कारावास एवं प्रतिकर दोनों का आदेश सुनाया।

न्यायालय के निर्णयानुसार, अभियुक्त पप्पु लाल गुर्जर पिता मोहनलाल गुर्जर, उम्र लगभग 38 वर्ष, निवासी गुर्जर मोहल्ला, राणा वाया पलाना खुर्द, तहसील मावली, जिला उदयपुर (राज.) को अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए 02 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने अभियुक्त को परिवादी नरेश जोशी को ₹14,62,500/- (चौदह लाख बासठ हजार पांच सौ रुपये) प्रतिकर राशि अदा करने का आदेश दिया है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त निर्धारित समय में उक्त प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। निर्णय में यह भी उल्लेखित किया गया कि प्रकरण के दौरान अभियुक्त द्वारा भोगी गई पुलिस एवं न्यायिक अभिरक्षा की अवधि को प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत मूल सजा में समायोजित किया जाएगा।

साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त की पूर्व में दी गई जमानत निरस्त करते हुए उसके विरुद्ध सजा वारंट जारी करने के आदेश भी पारित किए हैं।

परिवादी की ओर से अधिवक्ता श्री अशोक कुमार वर्मा ने प्रभावी एवं सशक्त पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष ठोस साक्ष्य एवं विधिक तर्क प्रस्तुत किए, जिसके परिणामस्वरूप यह निर्णय पारित हुआ। अधिवक्ता वर्मा ने कहा कि यह निर्णय चेक अनादरण जैसे आर्थिक अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश है तथा पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यह निर्णय न केवल आर्थिक अपराधों के मामलों में न्यायिक सख्ती को रेखांकित करता है, बल्कि चेक अनादरण प्रकरणों में जवाबदेही और विधिक अनुशासन की आवश्यकता को भी स्पष्ट रूप से स्थापित करता है।

Pratahkal Bureau

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