भाजपा में बगावत: मावली में टिकट वितरण पर विवाद, निर्दलीय लड़ने की चेतावनी
मावली के बडियार पंचायत में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में घमासान मच गया है। कार्यकर्ताओं ने जातिवाद का आरोप लगाते हुए बगावत की चेतावनी दी है।

मावली। पंचायत चुनाव के नामांकन से पहले ही भाजपा में टिकट वितरण को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। मावली में बडियार पंचायत के वार्ड नंबर 4 से टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। मोहनलाल गुर्जर ने आरोप लगाया है कि पार्टी ने लंबे समय से कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बना दिया, जिसने आज तक भाजपा कार्यालय तक नहीं देखा। उन्होंने टिकट वितरण में जातिवाद का आरोप लगाते हुए दो दिन में निर्णय नहीं बदलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दी है।
पंचायत चुनाव के पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में अधिकांश स्थानों पर उम्मीदवारों की सूची अंतिम समय तक सार्वजनिक किए जाने के आसार हैं। टिकट वितरण के बाद बगावत की आशंका को देखते हुए दोनों दल पंचायत समिति और जिला परिषद के टिकटों को लेकर आखिरी समय तक गोपनीयता बनाए रख सकते हैं। हालांकि, किसी भी दल ने औपचारिक रूप से ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।
दावेदारों को पहले फोन पर टिकट की सूचना दिए जाने और नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही सूची सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों को संभालने की है। पंचायत समिति और जिला परिषद की एक ही सीट पर कई दावेदार हैं, जो लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहकर टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में किसी एक दावेदार के नाम पर सहमति बनने के बाद दूसरे दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने या विरोधी दल में जाने का फैसला कर सकते हैं।
सूची अंतिम समय पर जारी होने का मतलब है कि कई सीटों पर नामांकन के दिन ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी कौन है। निकाय चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचियों और पार्टी की आधिकारिक सूची के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया था। ऐसे में अधिकृत प्रत्याशी की पुष्टि के लिए पार्टी की ओर से जारी सूची को ही भरोसेमंद आधार माना जाएगा।
इसी बीच मावली में भाजपा के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष सामने आया है। बडियार पंचायत के वार्ड नंबर 4 से मोहनलाल गुर्जर की पत्नी का आवेदन आया था। इस मामले में मोहनलाल गुर्जर ने मावली मंडल अध्यक्ष कैलाश गाडरी पर जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
मोहनलाल गुर्जर का कहना है कि जिस व्यक्ति ने आज तक भाजपा कार्यालय नहीं देखा, पार्टी ने उसे प्रत्याशी बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में मावली के मंडल अध्यक्ष कैलाश गाडरी अपनी जाति को लेकर जातिवाद की राजनीति कर रहे हैं। गुर्जर ने कहा कि यदि पार्टी ने दो दिन में अपना फैसला नहीं बदला तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को जातिवाद के बजाय अपने लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट देना चाहिए।
मोहनलाल गुर्जर ने यह भी कहा कि वह पार्टी में बूथ स्तर पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, पूरी विधानसभा में केवल एक गायरी समाज के व्यक्ति को टिकट दिया गया है, जबकि गुर्जर, जाट और अन्य समाजों के लोगों को भी पार्टी ने टिकट दिए हैं। इसी आधार पर उन्होंने टिकट वितरण पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, मावली मंडल अध्यक्ष कैलाश गाडरी ने जातिवाद के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई जातिवाद नहीं किया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जो कहा, उसी के अनुसार पार्टी ने निर्णय लिया है।
पंचायत चुनाव के नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही मावली में टिकट वितरण को लेकर असंतोष और संभावित निर्दलीय चुनौती ने भाजपा के सामने कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की चुनौती खड़ी कर दी है।

Bhupesh Prajapat (Udaipur)
नाम: भूपेश प्रजापत
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: मावली (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति और क्राइम (अपराध)
परिचय
भूपेश प्रजापत मावली क्षेत्र के ग्राउंड रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय राजनीति और आपराधिक मामलों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही वह क्षेत्र की जन समस्याओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों व उनकी जांच पर नियमित रूप से समाचार कवर करते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
भूपेश प्रजापत शैक्षणिक रूप से स्नातक (Graduate) हैं।
