मावली: एक निरक्षर किसान की साक्षर सोच, बसंत पंचमी पर गन्ने के रस की मिठास से संवर रहा है विद्यार्थियों का स्वास्थ्य
मावली के फतहपुरा में किसान नंदलाल डांगी ने पेश की मानवता की मिसाल! वर्षों पुराने संकल्प को निभाते हुए बसंत पंचमी पर स्कूली बच्चों को पिलाया अपने खेत का ताजा गन्ने का रस। निरक्षर होकर भी शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक इस किसान की प्रेरक कहानी, जिसमें संस्थाप्रधान कैलाशचंद तोंदवाल सहित पूरा स्टाफ रहा मौजूद। पढ़िए एक प्रेरणादायक समाचार।

मावली (उदयपुर)। शिक्षा के प्रति समर्पण और सेवा का संकल्प जब एक अटूट विश्वास बन जाता है, तो वह समाज के लिए एक मिसाल पेश करता है। राजस्थान के उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र स्थित फतहपुरा गाँव में इस बसंत पंचमी पर एक बार फिर मानवता और उदारता का वह अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जो पिछले कई वर्षों से यहाँ की परंपरा बन चुका है। फतहपुरा निवासी प्रगतिशील किसान नंदलाल डांगी ने अपने उस पुराने संकल्प को दोहराते हुए, गाँव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को अपने खेत पर आमंत्रित किया और उन्हें ताजे गन्ने का रस पिलाकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।
यह कहानी केवल गन्ने के रस की मिठास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे व्यक्ति के संकल्प की है जिसने स्वयं निरक्षर होते हुए भी शिक्षा की लौ को पहचाना है। नंदलाल डांगी ने वर्षों पूर्व यह प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक उनके शरीर में प्राण हैं, वे हर वर्ष बसंत पंचमी के पावन पर्व पर स्कूली बच्चों को निशुल्क गन्ने का रस पिलाएंगे। अपने इसी संकल्प को वे आज भी पूर्ण मनोयोग और निस्वार्थ भाव से निभा रहे हैं। खेत की हरियाली के बीच जब सैकड़ों विद्यार्थी गन्ने की मिठास का आनंद ले रहे थे, तब किसान डांगी के चेहरे पर एक संतोषजनक चमक साफ देखी जा सकती थी।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल जलपान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है। किसान नंदलाल डांगी का मानना है कि आज के दौर में जब बच्चे कृत्रिम और हानिकारक पेय पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, तब उन्हें प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्रियों के महत्व को समझना अनिवार्य है। उनकी यह पहल शिक्षा के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। कार्यक्रम के दौरान संस्थाप्रधान कैलाशचंद तोंदवाल और विद्यालय का समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा, जिन्होंने किसान की इस निस्वार्थ सेवा और बच्चों के प्रति उनके प्रेम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
इस आयोजन ने न केवल बच्चों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि पूरे मावली क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक साधारण सा किसान अपनी मेहनत की कमाई से समाज के भविष्य को सींच रहा है। नंदलाल डांगी का यह कार्य इस बात का जीवंत प्रमाण है कि समाज सेवा के लिए बड़ी डिग्रियों की नहीं, बल्कि एक बड़े और उदार दिल की आवश्यकता होती है। बसंत की इस सुनहरी धूप में गन्ने के रस की वह मिठास विद्यार्थियों के मन में शिक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के प्रति एक नई प्रेरणा जगा गई।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
