अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, मावली के न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी दीपक मेनारिया को जमानत का लाभ प्रदान किया है। पुलिस थाना खैरोदा के अंतर्गत दर्ज इस मामले में आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे। इससे पहले निचली अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता भरत प्रजापत ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष केस डायरी और पीड़िता के बयानों का सूक्ष्म विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए दलील दी कि घटनाक्रम में प्रथम दृष्टया आरोपी और पीड़िता के बीच लंबे समय से आपसी सहमति से प्रेम संबंध रहे थे।

अधिवक्ता भरत प्रजापत ने साक्ष्यों के रूप में व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी प्रमाण भी न्यायालय के समक्ष पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने बताया कि दोनों के बीच संबंध एकतरफा नहीं थे, बल्कि आपसी सहमति और नियमित संवाद पर आधारित थे।

अधिवक्ता ने न्यायालय को यह भी बताया कि वर्तमान मामला केवल पारिवारिक दबाव और परिस्थितियों के कारण दर्ज करवाया गया है। उन्होंने मामले के कानूनी पहलुओं और पूर्व के न्यायिक दृष्टांतों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष रखा। सुनवाई के दौरान इन दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर न्यायालय ने गंभीरता से विचार किया।

दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, मावली ने प्रकरण के तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए प्रार्थी की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। न्यायालय ने आरोपी को 50,000 रुपये के स्वयं के बंध पत्र और 25,000-25,000 रुपये के दो प्रतिभू पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story